पीएम मोदी ने नागालैंड के इन 2 फुटबॉल लीगों को सराहा, मन की बात में किया 'विश्व योगासन चैम्पियनशिप'का भी किया जिक्र
नई दिल्ली, 28 जून (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात के 135वें संस्करण में नागालैंड की युवाओं को फुटबॉल खेलने के लिए प्रेरित करने के लिए चलाई जा रही दो लीगों की जमकर प्रशंसा की। इसके साथ ही पीएम मोदी ने 'विश्व योगासन चैम्पियनशिप' का भी जिक्र किया।
अहमदाबाद में आयोजित हुई प्रथम 'विश्व योगासन चैम्पियनशिप' में भारत का प्रदर्शन शानदार रहा। भारत के एथलीटों ने अपनी प्रतिभा का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए टूर्नामेंट में कुल 114 पदक जीते, जिसमें 102 स्वर्ण पदक रहे। भारत अंक तालिका में पहले स्थान पर रहा। मन की बात में 'विश्व योगासन चैम्पियनशिप' का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, "इस बार दुनिया के 2500 से अधिक स्थानों पर योग के अनेक विविध कार्यक्रम हुए। हमारे देश में करोड़ों लोगों न स्थान-साथ पर योग कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इस महीने, अहमदाबाद में आयोजित 'विश्व योगासन चैम्पियनशिप'की भी बड़ी चर्चा हुई। इस चैंपियनशिप में भारत ने कुल 114 पदक जीते हैं। इसमें 102 स्वर्ण पदक भी शामिल रहे। भारत इस चैंपियनशिप की पदक तालिका में पहले स्थान पर रहा।"
पीएम मोदी ने नागालैंड में बच्चों को फुटबॉल में करियर बनाने के लिए प्रेरित किए जाने के लिए आयोजित की जा रही 'नागालैंड बेबी लीग' की तारीफ की। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने महिलाओं की खातिर नागालैंड में आयोजित की जा रही 'नागालैंड विमेंस फुटसल लीग' का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा, 'नागालैंड बेबी लीग'नाम सुनकर आपको जरूर लगता होगा ये बहुत छोटे बच्चों की कोई साधारण लीग होगी, लेकिन ऐसा नहीं है। ये 5 से 10-12 साल की आयु के छोटे-छोटे बच्चे, फूल जैसे बच्चों की एक असाधारण लीग है और इन बच्चों के फुटबॉल खिलाड़ियों की एक ऐसी लीग है, जो उनकी रफ्तार को और प्रतिभा के लिए उनको प्रेरित भी करती है और उनकी पहचान भी बनाती है।"
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, "इसकी शुरुआत नागालैंड के अधिक से अधिक बच्चों को फुटबॉल से जोड़ने के लिए हुई थी। पांच से 12 वर्ष तक के लड़के और लड़कियां इसमें हिस्सा ले सकते हैं। ये लीग अब अपने तीन वर्ष पूरे कर चुकी है। इस लीग का बच्चों के मन पर बहुत अच्छा प्रभाव पड़ा है।"
पीएम मोदी ने 'नागालैंड विमेंस फुटसल लीग'को लेकर कहा, "हो सकता है आपके लिए ये फुटसल एक नया नाम होगा, मैं आपको बताता हूं फुटसल को इंडोर फुटबॉल भी कहा जाता है। इसमें एक टीम में केवल पांच खिलाड़ी होते हैं। खेल का मैदान भी फुटबॉल के मैदान से छोटा होता है। इस कारण खिलाड़ियों को तेज फैसले लेने होते हैं। उन्हें अपनी तकनीक और स्किल का बेहतर इस्तेमाल करना पड़ता है। नागालैंड की विमेंस फुटलस लीग हमारी बेटियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अच्छा अवसर दे रही है।"
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Created On :   28 Jun 2026 11:44 AM IST












