अरावली बचाओ: आदिकाल की पर्वतमाला को जानबूझकर खतरे में डाला जा रहा है- पायलट

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अरावली पर्वतमाला संरक्षण को लेकर सोशल मीडिया से लेकर सड़क पर सुको आदेश के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे है। कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा आज पूरे भारत में राजस्थान में लोग इस बात की चर्चा कर रहे हैं, लोगों को चिंता खाई जा रही है कि जो पर्वतमाला आदिकाल से करोड़ों लोगों के लिए सुरक्षा कवच के रूप में बनी हुई थी उसे जानबूझकर खतरे की दिशा में कौन डाल रहा है। कोर्ट का हाल ही में जो वक्तव्य आया है उसमें सरकार को माना गया है
कांग्रेस नेता ने कहा 90% से ज्यादा अरावली का जो क्षेत्र है वो परिभाषा से बाहर और असुरक्षित हो जाएगा, जो अवैध खनन सरकार की नांक के नीचे से किया जा रहा है, उसे रोकने के लिए सरकार क्या कर रही है? मुझे लगता है कि सरकार विवश है या उनकी नीयत में कुछ कमी है। अब तक इस मामले को सुलझाने के लिए सरकार सुप्रीम कोर्ट में नहीं गई है कि परिभाषा को फिर से परिभाषित किया जाए। ये डबल इंजन नहीं बल्कि चार इंजन वाली सरकार है और ये चारों इंजन दौड़ रहे हैं कि कैसे अलवर पर्वतमाला को खत्म किया जाए।
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अरावली खनन मुद्दे पर कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा अरावली रेंज को गंभीर खतरा है क्योंकि सरकार ने कोर्ट में जो दस्तावेज़ जमा किए हैं और जो परिभाषा दी है, उसके अनुसार ज़्यादातर पहाड़ 100 मीटर से कम ऊंचे हैं। बैन की बात करें तो, बैन तो पहले भी लगा था लेकिन आज सरकार लोगों का भरोसा खो रही है कि यह पर्वत श्रृंखला प्राचीन काल से हमारी रक्षा कवच रही है और आज उसके अस्तित्व को ही खतरा है। इसीलिए आज लोग सड़कों पर उतरे हैं।
सहयोग एक पहल संस्थान ने अरावली संरक्षण की मांग को लेकर सिंघाना में पैदल विरोध रैली निकाली। रैली में मौजूद युवाओं ने हाथों में तख्तियां और तिरंगा झंडा लेकर 'अरावली बचाओ' के नारे लगाए। रैली में युवाओं ने टॉप कोर्ट के आदेशों की प्रतिलिपियां जलाकर विरोध दर्ज किया। विरोध प्रदर्शन में आदेश वापस लो और अरावली बचाओ-राजस्थान बचाओ जैसे नारे बुलंद किए। आपको बता दें अरावली केवल पहाड़ नहीं, बल्कि राजस्थान की लाइफलाइन है। संरक्षण से ही पर्यावरण संतुलन, जल सुरक्षा और भविष्य सुरक्षित बच सकता है।
Created On :   26 Dec 2025 4:07 PM IST













