UP Politics: चुनाव के बाद PM मोदी को क्यों याद आई सोने-तेल की बचत ? अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट में कसा तंज

चुनाव के बाद PM मोदी को क्यों याद आई सोने-तेल की बचत ? अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट में कसा तंज
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिडिल ईस्ट संकट के दौरान देशवासियों से सोना नहीं खरीदने और तेल की खपत कम करने की अपील की थी।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिडिल ईस्ट संकट के दौरान देशवासियों से सोना नहीं खरीदने और तेल की खपत कम करने की अपील की थी। इस दौरान समाजवादी पार्टी के चीफ अखिलेश यादव ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि चुनाव खत्म होते ही पीएम मोदी को संकट याद आ गया हैं। अगर बीजेपी के लोग सरकार नहीं चला पा रहे हैं तो अपनी नाकामी स्वीकार करें और देश को बर्बाद न करें।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अखिलेश यादव ने पोस्ट किया। इस दौरान उन्होंने लिखा, "चुनाव खत्म होते ही, 'संकट' याद आ गया! दरअसल देश के लिए 'संकट' सिर्फ़ एक है और उसका नाम है 'भाजपा' इतनी सारी पाबंदियां लगानी पड़ीं तो 'पंच ट्रिलियन डॉलर की जुमलाई अर्थव्यवस्था' कैसे बनेगी? लगता है भाजपा सरकार के हाथ से लगाम पूरी तरह छूट गयी है। डॉलर आसमान छू रहा है और देश का रुपया पातालोन्मुखी हो गया है।"

अखिलेश यादव ने कहा कि सोना न खरीदने की अपील जनता से नहीं, भाजपाइयों को अपने भ्रष्ट लोगों से करनी चाहिए क्योंकि जनता तो वैसे भी 1.5 लाख तोले का सोना नहीं खरीद पा रही है। भाजपाई ही अपनी काली कमाई का स्वर्णीकरण करने में लगे हैं। हमारी बात गलत लग रही हो तो 'लखनऊ से लेकर गोरखपुर' तक पता कर लीजिए या 'अहमदाबाद से लेकर गुवाहाटी' तक।

उन्होने कहा कि वैसे सारी पाबंदियां चुनाव के बाद ही क्यों याद आईं है? भाजपाइयों ने चुनाव में जो हज़ारों चार्टर हवाई यात्राएं करीं वो क्या पानी से उड़ रहीं थीं? वो क्या होटलों में नहीं ठहर रहे थे या सिलेंडर की फ़ोटो लगाकर खाना बनाकर खा रहे थे? भाजपाइयों ने चुनाव में ही वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग से ही प्रचार क्यों नहीं किया? सारी पाबंदियां जनता के लिए ही हैं क्या?

अखिलेश यादव ने कहा कि इस तरह की अपील से तो व्यापार-कारोबार-बाज़ार में मंदी या महंगाई की आशंका की वजह से डर के साथ घबराहट, बेचैनी, निराशा फैल जाएगी। सरकार का काम अपने अकूत संसाधनों का सदुपयोग करके आपातकालीन हालातों से उबारना होता है, भय या अफरातफरी फैलाना नहीं।

कांग्रेस ने भी पीएम मोदी की अपील पर कसा तंज

पूर्व सीएम ने कहा कि अगर सरकार नहीं चला पा रहे हैं तो भाजपाई अपनी नाकामी स्वीकार करें, देश को बर्बाद न करें। वैसे भी इन हालातों की असली वजह विदेश नीति के मामले में देश की परंपरागत 'गुट निरपेक्षता' की नीति से भाजपा सरकार का हटकर कुछ गुटों के पीछे, कुछ खास वजहों और दबावों की वजह से चलना है। इसका खामियाजा देश की जनता को महंगाई, बेरोजगारी, बेकारी और मंदी की मार के रूप में भुगतना पड़ रहा है।

सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कहा कि किसान-मज़दूर से लेकर हर युवा, हर गृहिणी, नौकरीपेशा, पेशेवर, कारोबारी मतलब हर कोई इसकी चपेट में आ गया है। सच तो ये है कि भाजपा विदेश नीति और गृह नीति दोनों में फ़ेल हो गयी है। ये अपील भाजपा सरकार की अपनी असफलता की स्वीकारोक्ति है। दरअसल वोट मिलते ही भाजपा का खोट सामने आ गया।

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपाइयों ने चुनावी घपलों से राजनीति को प्रदूषित कर दिया है। नफरत फैला कर समाज के सौहार्द को बर्बाद कर दिया है। अपने चाल-चलन से भाजपाइयों ने संस्कृति-संस्कार को कलुषित कर दिया है। साधु-संतो पर प्रहार और आरोप लगाकर धर्म तक को नहीं छोड़ा है और अब अर्थव्यवस्था का रोना रो रहे हैं।

सपा नेता ने कहा कि इस तरह तो सांस्कृतिक, धार्मिक, राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक हर क्षेत्र में भाजपा ने देश का बंटाधार कर दिया है। इस अपील के बाद देश की जनता में अचानक आक्रोश का जो उबाल आया है, उसका प्रबंधन भाजपा किसी चुनावी-जुगाड़ की तरह नहीं कर पाएगी, अब भाजपा हमेशा के लिए जाएगी। देश कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!'

जबकि, कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने भी पीएम मोदी की अपील पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और भारतीय जनता पार्टी ने देश को बर्बाद कर दिया है। पीएम को सरकार चलानी नहीं आती देशवासी एक बड़े संकट की ओर बढ़ रहे हैं, इससे हम व्यापारिक और आर्थिक डिप्रेशन की ओर जाएंगे। प्रधानमंत्री का ये कदम बता रहा है कि, देश बर्बादी की ओर जा रहा है।

Created On :   11 May 2026 1:46 PM IST

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