विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान: डीके शिवकुमार ने EC को लिखा पत्र, 1.08 करोड़ से अधिक वोटरों को 'ASDDO' के तौर पर मार्क करने पर उठाए सवाल

डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। कर्नाटक में इस समय एसआईआर (SIR) यानी 'विशेष गहन पुनरीक्षण' प्रक्रिया चल रही है। चुनाव आयोग के इस अभियान पर सीएम डीके शिवकुमार ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने एसआईआर के बाद जो आंकड़े सामने सामने आए हैं, उस पर सीएम ने गड़बड़ी का मुद्दा उठाते हुए ज्ञानेश कुमार को एक पत्र लिखा है।
कर्नाटक में SIR के आंकड़ों ने चिंताजनक स्थिति दिखाई है। 1.08 करोड़ से ज्यादा वोटरों को ASDDO के तौर पर मार्क किया गया है और लगभग 43 लाख वोटरों को लॉजिकल गड़बड़ियों के लिए नोटिस भेजे जाने हैं। उन्होंने CEC चीफ ज्ञानेश कुमार से ये कदम उठाने का अनुरोध किया है। बता दें, ASDDO का मतलब- Absent (अनुपस्थित), Shifted (स्थानांतरित), Dead (मृत), Duplicate (दोहरी प्रविष्टि) या Others/Outstation (अन्य) श्रेणी के मतदाता के रूप में चिह्नित किया है।
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1. दावे और आपत्तियों के लिए समय सीमा बढ़ाई जाए, ताकि ड्राफ्ट रोल से छूटे हुए असली वोटरों को दावे दाखिल करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
2. CEO को निर्देश दिया जाए कि वे तय प्रक्रिया को पूरी तरह से लागू करें, जिसमें ग्रामीण इलाकों में ग्राम सभाएं और शहरी इलाकों में वार्ड कमिटी की बैठकें शामिल हों, और इनका पर्याप्त प्रचार-प्रसार भी किया जाए।
3. लॉजिकल गड़बड़ियों और 2002 के रोल से लिंक न होने के कारण नोटिस पाने वाले वोटरों को दिया गया समय बढ़ाया जाए। हर वोटर को जवाब देने और ज़रूरी दस्तावेज जमा करने के लिए कम से कम 3-4 हफ्ते मिलने चाहिए।
4. दावों, आपत्तियों और आवेदनों की भारी संख्या को संभालने और गलतियों व अनुचित तरीके से नाम हटाने की घटनाओं को रोकने के लिए ERO और जरूरत पड़ने पर DEO की संख्या बढ़ाई जाए।
आवाजाही, गरीबी, दस्तावेज़ों की कमी या जानकारी का अभाव वोटिंग के अधिकार से वंचित होने का कारण नहीं बनना चाहिए। मकसद एक ऐसी वोटर लिस्ट तैयार करना होना चाहिए जो सटीक और भरोसेमंद हो, और सबसे बढ़कर, यह सुनिश्चित करे कि कोई भी असली वोटर लिस्ट से बाहर न रहे।
Created On :   25 Aug 2026 9:40 PM IST












