FCRA Bill: FCRA बिल को लेकर TMC सांसद महुआ मोइत्रा का बड़ा बयान, BJP पर RSS की फंडिंग कराने का लगाया आरोप

FCRA बिल को लेकर TMC सांसद महुआ मोइत्रा का बड़ा बयान, BJP पर RSS की फंडिंग कराने का लगाया आरोप
लोकसभा में बुधवार को एफसीआरए बिल को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में तीखी नोंकझोंक देखने को मिली। इसे लेकर टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा का बयान सामने आया है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लोकसभा में बुधवार को एफसीआरए बिल को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में तीखी नोंकझोंक देखने को मिली। इसे लेकर टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा का बयान सामने आया है। दरअसल, उनका यह बयान FCRA बिल को जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी के पास भेजने पर आया है। टीएमसी सांसद ने कहा कि यह बिल (FCRA) इसलिए लाया गया है ताकि, बीजेपी यह पक्का कर सके कि सारी फंडिंग सिर्फ आरएसएस को ही मिले।

एफसीआरए बिल पर महुआ मोइत्रा ने सरकार को घेरा

उन्होंने कहा, आरएसएस एनजीओ है। लेकिन यह रजिस्टर्ड नहीं है। आरएसएस के पास दिल्ली के हर जिले में हजारों करोड़ की प्रॉपर्टी है। इसका ऑडिट नहीं होता है। जो भी आरएसएस से जुड़ा नहीं है, उसका गला घोंट दिया जाएगा। वे लाइसेंस रद्द करेंगे, जैसा कि हमने कई मामलों में देखा है। फिर वे इन संगठनों की संपत्ति पर कब्जा कर लेंगे। उन्होंने कहा कि यह संगठनों की संपत्ति, कैश और पैसे पर कब्जा करने और जमीन हड़पने का एक और तरीका है। हमने एकमत होकर कहा था कि इस बिल को वापस लिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकार प्रोपेगेंडा था कि विपक्ष में मतभेद है, कुछ लोग यह चाहते हैं, कुछ वह। यह पूरी तरह बकवास है। आज जब हंगामे के बीच यह बिल आया, तो विपक्ष की हर पार्टी ने इसे JPC के पास भेजने का समर्थन किया। हम बोलना चाहते थे। उन्होंने हमें बोलने नहीं दिया। चेयर ने हमें अपनी बात रिकॉर्ड पर रखने की भी इजाजत नहीं दी। हम साफ तौर पर कहना चाहते हैं कि हम इस बिल को पूरी तरह वापस करवाना चाहते थे। इसके अलावा और कोई बात नहीं है।

केंद्र सरकार ने जून में जारी की थी अधिसूचना

बता दें, इस साल जून में सरकार ने विदेश धन प्राप्त करने के लिए FCRA के नियमों में संशोधन की अधिसूचना जारी की थी। इसके मुताबिक गैर सरकारी संगठनों पहले निर्धारित उद्देश्यों और कार्यक्षेत्रों में से किसी एक का चयन करना अनिवार्य था। इन नियमों में धार्मिक आस्था से जुड़ी कई गतिविधियों की अनुमति दी गई है। एफसीआरए के तहत रजिस्ट्रेशन के लिए पात्र कई श्रेणियों में धर्म-प्रचार को बाहर रखा गया है।

मालूम हो कि, FCRA अमेंडमेंट बिल, 2026 इस साल 25 मार्च को लोकसभा में पेश किया गया था। इधर, मानसून सेशन में इस पर चर्चा होने की उम्मीद थी। हालांकि विपक्ष के हंगामे के चलते कोई खास विधायी काम नहीं हो सका है। सरकार ने इस बिल को जेपीसी के पास भी भेजा है।

Created On :   12 Aug 2026 7:16 PM IST

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