JDU on Prashant Kishor: प्रशांत किशोर के 10,000 नौकरी वाले बयान पर JDU ने ली चुटकी, बांकीपुर विधायक के वादे को बताया खोखला

डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार की बांकीपुर सीट से नवनिर्वाचित विधायक और जनसुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने मंगलवार को बड़ा वादा किया। उन्होंने कहा कि वह बांकीपुर के 10 हजार लोगों को कहीं न कहीं नौकरी लगवा देंगे। पीके के इस बयान के बाद बिहार के सियासी गलियारों में बयानबाजी तेज हो गई है। इस बीच जेडीयू ने पीके के इस बयान पर प्रतिक्रिया दी है।
जेडीयू ने पीके के वादे पर कसा तंज
प्रशांत किशोर के 10 हजार युवाओं को निजी क्षेत्र में नौकरी दिलाने पर जेडीयू विधायक श्याम रजक ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि यह बहुत अच्छी बात है। उनका अपना व्यापार चलता है तो व्यापार चलाने में तो उनको आदमी चाहिए ही। वह अपना व्यापार बढ़ाने के लिए लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं। अच्छी बात है कि लोग रोजगार लेंगे।
श्याम रजक ने तंज कसते हुए कहा कि 10 हजार नहीं, पूरे बिहार के हर घर के एक नौजवान को रोजगार दें ताकि लोग अपना जीवन यापन कर पाएं। अन्यथा भोली-भाली बातों से कुछ होने वाला नहीं है।
उन्होंने कहा, "एक चुनाव जीत लेने से अफरा-तफरी में न पड़ें। यह देश है, यह बिहार है, यह पटना है। यहां अच्छे-अच्छे लोगों का बुखार लगाकर के उनको भेज दिया गया है। विधायक का काम दुख-सुख में भागीदारी देना है। आप दुख-सुख में भागीदारी ना देकर एक व्यापारी के रूप से आप वक्तव्य दे रहे हैं। यह बड़ी दुखद बात है।"
बिहार में शराबबंदी के मुद्दे पर कही ये बात
वहीं, श्याम रजक ने बिहार में शराबबंदी को 'फेल' बताए जाने के दावे को गलत बताया। उन्होंने कहा कि कानून में मामूली त्रुटियां हो सकती हैं, लेकिन उसे सुधारा जा सकता है। श्याम रजक ने कहा, बिहार में शराबबंदी फेल नहीं है। निश्चित रूप से शराबबंदी में कुछ त्रुटि है, जिसे दूर किया जाना चाहिए। यह कहा जा सकता है, लेकिन शराबबंदी को पूरी तरह से फेल कहना गलत है।
उन्होंने कहा कि शराबबंदी के बाद सबसे बड़ी चुनौती अब सूखा नशा बन गई है। सूखा नशा का प्रचलन इधर बढ़ रहा है। सिर्फ बिहार ही नहीं, पूरे देश में सूखा नशा का प्रचलन धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह युवाओं की निराशा है। उन्होंने कहा, सरकार को सख्त से सख्त कानून बनाना चाहिए। ऐसे लोगों को सख्त-सख्त सजा देकर इन चीजों की ज्यादा से ज्यादा कमी हो, ऐसा व्यवस्था करना चाहिए। जितनी भी कड़ी सजा हो वो कम होगी।
इसके अलावा जेडीयू विधायक ने झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी पेपर लीक के मामले को लेकर चल रहे छात्रों के प्रदर्शन पर भी बात रखी। उन्होंने कहा कि जहां तक पेपर लीक का मामला है और उसके व्यापार का मामला है, अविलंब मेरा आग्रह होगा झारखंड के मुख्यमंत्री से कि तुरंत शिक्षा मंत्री को बर्खास्त करें। जो भी लोग दोषी हैं उन पर फास्ट ट्रैक कोर्ट लगाकर ऐसे लोगों को सख्त से सख्त सजा दी जाए।
Created On :   12 Aug 2026 7:31 PM IST








