Bihar Politics: JDU ने की विधानसभा अध्यक्ष पद की मांग, जानिए ये पद कितना अहम और पावरफुल?

डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद से ही सीएम पद के लिए राजनीति गरमाई हुई है। इस बीच, जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार में विधानसभा अध्यक्ष पद को लेकर खींचतान देखने को मिली है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि राज्य में सरकार की कमान किसके हाथ में होगी, लेकिन जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए तल ठोक दी है।
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अभी किसके पास यह पद?
नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में भाजपा के नौ बार विधायक प्रेम कुमार के पास विधानसभा अध्यक्ष का पद है। ऐसे में अब यह सवाल उठता है कि इस पद की जेडीयू ने मांग क्यों की है? और विधानसभा के अध्यक्ष पद में कितना पावर होता है।
विधानसभा अध्यक्ष पद का पावर?
विधानसभा में जिन्हें अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया जाता है। वह नेता सिर्फ सभी की अध्यक्षता नहीं करता है, बल्कि कौन सदस्य कब बोलेगा, कितनी देर तक बोलेगा, बहस के दौरान उन्हें कितना समय मिलना चाहिए, किस बिल को सदन में पेश करना चाहिए समेत विधानसभा की कार्यवाही से जुड़े हर मामले में विधानसभा अध्यक्ष के पास पावर होती है। इसके अलावा जब कोई विधायक अपने पद से इस्तीफा देता है तो उस पर अंतिम निर्णय भी उन्हें के पास होता है।
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अध्यक्ष के पास क्या दल-बदल पर फैसला लेने का अधिकार?
भारतीय संविधान की दसवीं अनुसूची में दल बदल कानून को शामिल किया गया है। अगर कोई मौजूदा पार्टी को छोड़कर दूसरी अन्य में विधायक शामिल हो जाता है, व्हिप का उल्लंघन करता है और लाइन बदलता है तो इन स्थितियों में स्पीकर के पास अधिकार होता है कि वह उसकी सदस्यता रद्द कर है या फिर नहीं। इसका अंतिम निर्णय विधानसभा स्पीकर के पास होता है।
Created On :   6 March 2026 5:38 PM IST












