विधानसभा चुनाव 2027: मायावती का बड़ा ऐलान, आकाश और उनकी बहिन दीपिका की बीएसपी में नो एंट्री, ईशान को मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी

मायावती का बड़ा ऐलान, आकाश और उनकी बहिन दीपिका की बीएसपी में नो एंट्री, ईशान को मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी
मायावती ने कहा बहुजन समाज’ ही मेरा असली परिवार है ,सत्ता की मास्टर चाबी के जरिये ही ’शोषित से शासक वर्ग’ बनाकर उनका हित व कल्याण सुनिश्ति करना ही मेरा मिशनरी लक्ष्य व मेरी प्रतिज्ञा भी है, जिसके लिए मैं अपने भाई-बहिनों आदि के खिलाफ भी किसी भी हद तक जा सकती हूँ,।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने एक बार फिर संगठन और परिवार को लेकर बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने बहुजन समाज की चिंता करते हुए अपने छोटे भाई आनंद कुमार के बड़े बटे आकाश आनंद और बेटी दीपिका आनंद को पार्टी में ना लेने का ऐलान किया है, उन्होंने बीएसपी में किसी तरह की कोई जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। इसके अलावा मायावती ने केवल ईशान आनंद को ही पार्टी में सम्माजनक जिम्मेदारी देकर आगे बढ़ाने की घोषणा की है। हालांक उन्हें भी चेतावनी दी है। बीएसपी चीफ ने साफ तौर पर कहा है कि भविष्य में यदि ईशान ने पार्टी विरोधी कोई गंभीर कृत्य किया तो उन्हें भी पार्टी से बाहर कर दिया जाएगा। ऐसी स्थिति में आनंद कुमार के परिवार के किसी भी सदस्य को पार्टी की छोटी-बड़ी कोई जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। इसके बजाय पार्टी में कार्यरत दलित वर्ग के किसी मिशनरी और वफादार कार्यकर्ता को बड़ी जिम्मेदारी देने की बात कही।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए मायावती ने कहा अपने अनुभवों को ध्यान में रखते हुए नजदीकी रिश्ते-नातों के मोह से ऊपर उठकर काम करने का डिसीजन लिया है। बसपा संस्थापक कांशीराम ने भी अपने रिश्तेदारों को राजनीतिक लाभ देने से दूरी बनाए रखी। अपना जीवन बहुजन समाज के हित के लिए समर्पित किया।

मायावती ने अपनी पोस्ट में लिखा आज मेरा पुनः पार्टी के लोगों से यही कहना है कि मेरे खुद के अनुभव को मद्देनजर रखते हुये यदि इनको राजनीति में कामयाब होना है और समाज के लिए कुछ करना है तो उन्हें मेरी तरह अपने भाई-बहिनों व नजदीकी रिश्ते-नातों आदि के मोह से ऊपर उठकर अपनी पूरी ईमानदारी व निष्ठा से कार्य करना है, इसीलिए बी.एस.पी. के जन्मदाता एवं संस्थापक मान्यवर कांशीराम ने राजनीति में आने के बाद, फिर अपने सभी नजदीकी रिश्ते-नातों आदि को राजनीतिक लाभ देने से हमेशा दूर रखा है। उन्हें केवल निःस्वार्थ भावना से पार्टी संगठन में कार्य करने की ही इजाजत दी है। इतना ही नहीं बल्कि इन्होंने अपनी पूरी जिन्दगी, अपना खुद का परिवार ना बनाकर, ’बहुजन समाज’ के हित व कल्याण के लिए ही समर्पित की है। बसपा प्रमुख ने आगे कहा जिनसे प्रेरित होकर फिर मैंने भी उन्हीं के ही पदचिन्हों पर चलने का फैसला लिया और अपनी पूरी जिन्दगी ’बहुजन समाज’ के लिए समर्पित कर दी है। लेकिन मैं एक लड़की होने की वजह से फिर मजबूरी में मुझे अपने किसी ना किसी भाई-बहिन आदि को हमेशा अपने साथ रखना पड़ा है, जिसके तहत ही मेरा छोटा भाई आनन्द कुमार यह पिछले काफी वर्षों से मेरी सेवा में कार्यरत है।

आनंद के आग्रह पर आकाश को पार्टी में लिया और राजनीति में आगे बढ़ाया

मायावती ने कहा आनंद के विशेष आग्रह करने पर फिर इनके परिवार में से मुझे इनके बड़े बेटे आकाश आनन्द को राजनीति में आगे करना पड़ा है। जिनकी शादी होने के बाद से अब आकाश आनन्द का कदम-कदम पर ऐसा रवैया व गतिविधियाँ आदि रही हैं कि जिसकी वजह से अभी कुछ दिन पहले फिर से इनको पार्टी से अलग भी करना पड़ा है। अर्थात अब वह अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ के जंजाल में पूरी तरह से फंस चुके हैं, जिसे अब पार्टी में वापिस लेना यह पार्टी के लिए बहुत बड़ा विश्वासघात ही होगा, जो मैं यह पार्टी विरोधी गलत कार्य कदापि नहीं कर सकती हूँ।

आकाश और उनकी बहन दीपिका आउट, नहीं मिलेगी कोई जिम्मेदारी

बीएसपी चीफ ने आगे कहा ऐसे में अब मैं आनन्द कुमार के परिवार में से किसको पार्टी में आगे करूँ या ना करूँ, यह मेरे लिए पिछले कुछ समय से काफी दुविधा सी बनी हुई है, जिस पर विराम देते हुए अब मैंने हर पहलू पर काफी गम्भीरता से सोच-विचार करने के बाद यह फैसला लिया है कि इनके परिवार में से ऐसे किसी सदस्य को अब पार्टी में आगे किया जाये, जो आकाश के नक्शेकदम पर बिल्कुल भी ना चले। और जहाँ तक आगे चलकर, इनकी बेटी की मदद लेने का सवाल है तो इनकी शादी होने के बाद, फिर इनका मामला भी यदि आकाश आनन्द की तरह ही निकल गया तो यह भी पार्टी हित में सही नहीं होगा। ऐसी सम्भावना को भी ध्यान में रखकर अब पार्टी हित में यही उचित होगा कि आकाश आनन्द व इनकी बहिन को भी अब पार्टी की कोई भी जिम्मेवारी देने से इन दोनों को एकदम दूर रखा जाये अर्थात् अब इनके इस फैसले में कोई भी फेरबदल नहीं किया जायेगा।

चेतावनी देते हुए ईशान आनंद को मिलेगी पार्टी में जिम्मेदारी

मायावती ने कहा अब इन दोनों के स्थान पर आनन्द कुमार के परिवार में से केवल ईशान आनन्द को ही, पार्टी में सम्मानजनक जिम्मेवारी देकर इनको आगे किया जायेगा, जिसका आकाश आनन्द व इनकी बहिन की तरह कभी भी कोई चक्कर नहीं रहेगा। अभी तक ऐसा ही लग रहा है। आगे तो कुछ भी नहीं कहा जा सकता है फिर भी यदि इन्होंने पार्टी विरोधी ऐसा कोई भी गम्भीर कृत्य किया तो फिर इनको भी पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया जायेगा, लेकिन तब ऐसी स्थिति में आनन्द कुमार के परिवार में से अन्य किसी भी सदस्य को पार्टी की कोई भी छोटी-बड़ी जिम्मेवारी नहीं दी जायेगी। बल्कि इसके स्थान पर, तब फिर पार्टी में ही कार्यरत दलित वर्ग के किसी भी एक मिशनरी व वफादार कार्यकर्ता को ही आगे कर दिया जायेगा। इसलिए देश व जनहित के जरूरी मुद्दों के साथ-साथ इस खास मुद्दे को भी लेकर अब दिनांक 23 सितम्बर की बी.एस.पी. की अत्यन्त जरूरी ऑल-इण्डिया की बैठक बुलाई गई है ताकि फिर पार्टी के लोग अपनी पार्टी के कार्यों में पूरे जी-जान से जुट जायें। अन्त में अब मैं यही कहना चाहती हूँ कि खासकर परिवार को लेकर पार्टी व मूवमेन्ट के हित में मैंने यह फैसला मान्यवर कांशीराम से प्रेरित होकर तथा परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के भी लिखे गये एक पत्र से प्रभावित होकर लिया है, जिस पत्र का सारांश इस प्रकार से है।

मायावती ने फैसले में अम्बेडकर- कांशीराम के फैसले को किया जिक्र

बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर ने, दिनांक 23 फरवरी सन् 1956 को 26 अलीपुर रोड, सिविल लाइन्स, नई दिल्ली से बम्बई में अपने पुत्र यशवन्त बी. अम्बेडकर को पत्र में लिखा है कि, मुझे तम्हें सूचित करना है कि उपशम के कई पत्राचार मिले हैं कि तुम उन्हें बौद्ध भूषण प्रिन्टिंग प्रेस के एकाउण्टेन्ट व कैशियर के रूप में उनकी ड्यूटी नहीं करने दे रहे हो। तुम्हें ऐसा लगता है कि ऐसा करके तुम प्रेस को अपने कब्जे में ले लोगे। मैं तुम्हें आगाह कर रहा हूँ कि प्रेस पब्लिक प्रापर्टी है, ना तुम्हारा है और ना मेरा, और एक पब्लिक अकाउण्ट में किसी भी प्रकार की अनियमितता की अनुमति देना संभव नहीं है। तुम्हारा आचरण उचित नहीं रहा है, अगर तुमने मेरी अन्तिम व फाइनल निर्देश की परवाह नहीं कि तो फिर मैं तुम्हें प्रेस से निकाल-बाहर करूंगा और इस चेतावनी के नहीं मानने पर फिर मैं आपके विरुद्ध अभियोजन (मुक़दमा) (prosecute) भी करूंगा।

बहुजन समाज ही मेरा असली परिवार-मायावती

बसपा प्रमुख ने आगे कहा संक्षेप में अब मैं अपने खुद के बारे में भी यही कहना चाहती हूँ कि समस्त ’बहुजन समाज’ ही मेरा असली परिवार है तथा सत्ता की मास्टर चाबी के जरिये ही उन्हें ’शोषित से शासक वर्ग’ बनाकर उनका हित व कल्याण सुनिश्ति करना ही मेरा मिशनरी लक्ष्य व मेरी प्रतिज्ञा भी है, जिसके लिए मैं अपने भाई-बहिनों आदि के खिलाफ भी किसी भी हद तक जा सकती हूँ, जैसाकि बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर ने उदाहरण पेश किया, यही मेरा भी संकल्प है।

Created On :   20 Sept 2026 1:59 PM IST

Tags

Next Story