राज्यसभा चुनाव 2026: मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने पर गरमाई सियासत, सड़क से लेकर सोशल मीडिया और चुनाव आयोग तक कांग्रेस का वार

मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने पर गरमाई सियासत, सड़क से लेकर सोशल मीडिया और चुनाव आयोग तक कांग्रेस का वार
कांग्रेस ने एक्स पर पोस्ट किया BJP और चुनाव आयोग 'वोट चोरी' से आगे बढ़कर अब सीधा 'सीट चोरी' पर उतर आए हैं। मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन बिना कारण रद्द करना, इसी सीट चोरी का हिस्सा है।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्यप्रदेश में कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर सूबे की सियासत गरमाई हुई है, कांग्रेस और उसके नेता चुनाव आयोग की ओर से नामांकन कैंसिल होने को लेकर बीजेपी और ईसी पर तरह तरह के आरोप लगा रहे है। सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील प्रशांत भूषण ने नटराजन के नामांकन रद्द होने को गैरकानूनी बताते हुए एक्स पर इसे लेकर एक पोस्ट साझा की है, जिसे कांग्रेस के कद्दावर नेता दिग्विजय सिंह ने भी रिपोस्ट किया है, भूषण ने अपनी पोस्ट में लिखा है मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार का नॉमिनेशन पेपर ECI द्वारा इस आधार पर खारिज करना कि उन्होंने अपने खिलाफ चल रहे एक मामले की जानकारी छिपाई थी, पूरी तरह से गैर-कानूनी है। अपने हलफनामे में किसी मामले का खुलासा न करना झूठी गवाही (perjury) का आधार हो सकता है, न कि नॉमिनेशन खारिज करने का। ECI पूरी तरह से BJP की कठपुतली है।

कांग्रेस ने एक्स पर पोस्ट किया BJP और चुनाव आयोग 'वोट चोरी' से आगे बढ़कर अब सीधा 'सीट चोरी' पर उतर आए हैं। मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन बिना कारण रद्द करना, इसी सीट चोरी का हिस्सा है।

इससे पहले भी मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एक्स पर कई पोस्ट की है, अपनी पोस्ट में लिखा है कि भारत के कानूनी पेशे के सबसे सम्मानित वकीलों में से एक, अभिषेक मनु सिंघवी ने मीनाक्षी नटराजन के नॉमिनेशन पेपर को खारिज करने के मामले की कानूनी वैधता पर सवाल उठाए हैं। रिटर्निंग ऑफिसर का फैसला कानून के हिसाब से गलत और पूरी तरह से पक्षपाती है। दुनिया भर में अपनी विश्वसनीयता साबित करने के लिए, उन्हें अपने रिटर्निंग ऑफिसर का फैसला बदलना होगा और आज ही मीनाक्षी नटराजन का नॉमिनेशन पेपर स्वीकार करना होगा।

वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने एक्स पर लिखा है ज़रूरी बात, क्या भारत के 'डेमो-क्रेज़ी' (अजीबोगरीब लोकतंत्र) में कोई ऐसा दिन गुज़रता है जब कोई बड़ा ड्रामा न हो? अब कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नॉमिनेशन रिटर्निंग ऑफिसर ने यह कहते हुए खारिज कर दिया है कि उन्होंने तेलंगाना में अपने खिलाफ चल रहे एक आपराधिक मामले की जानकारी छिपाई थी। कांग्रेस का कहना है कि यह एक मामूली मामले में सिर्फ़ 'शो कॉज़ नोटिस' था। ध्यान दें: झारखंड राज्यसभा चुनाव में प्रक्रिया से जुड़ी गलती को ठीक करने के लिए बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी को कल सुबह 11 बजे तक का समय दिया गया है। क्या यहाँ भी वही नियम अपनाया जाएगा? क्या ECI (@ECISVEEP) आखिरकार एक निष्पक्ष अंपायर की भूमिका निभाएगा, जैसा कि संविधान के तहत ज़रूरी है?

दिग्विजय सिंह एक अन्य ट्वीट पोस्ट में लिखा लोक तंत्र की हत्या है। मीनाक्षी का राज्यसभा का नामांकन पत्र रद्द करना अवैधानिक है। जिस प्रकरण के कारण रद्द किया गया है आज तक ना उसकी FIR है ना वह प्रकरण दर्ज है केवल नोटिस जारी हुआ है जिसका उल्लेख नामांकन पत्र में करने का प्रावधान भी नहीं है। यह तो सरासर “सीट चोरी” है। हमारा संघर्ष जारी रहेगा।

आपको बता दें बीते दिन चुनाव आयोग के अधिकारियों ने शाम होते होते मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने की सूचना दी थी, इसकी जानकारी जैसे ही लगी कांग्रेस नेता भड़क उठे, सड़क से लेकर चुनाव आयोग के गेट के सामने रात तक कांग्रेस विधायक और पार्टी के वरिष्ठ नेता वहीं डटे रहे।

Created On :   10 Jun 2026 10:46 AM IST

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