पंजाब: बीजेपी का पुराना साथी अब हाथी के साथ लड़ेगा आगामी चुनाव

November 24th, 2021

हाईलाइट

  • 25 साल पुराना रिश्ता खत्म

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन पर जैसे ही तीनों कृषि कानूनों के वापस लेने की बात कही वैसे ही पंजाब की राजनीति में ये कयास लगाए जाने लगे कि बीजेपी का पुराना साथी शिरोमणि अकाली दल एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी के साथ आ सकता है। लेकिन शिरोमणि अकाली दल के मुखिया सुखबीर सिंह बादल ने उन सभी कयासों को लेकर अपना रूख साफ स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने बीजेपी गठबँधन पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि अकाली दल अब बीजेपी के साथ दोबारा गठबंधन नहीं करेगा। उन्होंने आगे कहा कि अगले साल होने जा रहे आगामी चुनावों में अकाली दल बसपा के साथ चुनावी मैदान में होगी। भारतीय जनता पार्टी के साथ हाथ मिलाने का हमारा कोई इरादा नहीं है। अकाली दल अब बीजेपी के साथ गठबंधन नहीं करेगी।

इससे पहले भारतीय जनता पार्टी  की तरफ से चुप्पी तोड़ी गई थी कि अकाली दल के साथ दोबारा गठबंधन करने में बीजेपी को कोई हर्ज नहीं है।  हालांकि बीजेपी ने शर्तों के साथ यह दावा किया था अगर अकाली दल गठबंधन करने के लिए तैयार होता है तो उसे बीजेपी की शर्तें माननी होगी।

आपको बता दें कि अकाली दल बीजेपी के सबसे पुराने सहयोगियों में से एक रहा है। दोनों पार्टियों के बीच पहली बार 1996 में गठबंधन हुआ था। तीन कृषि कानूनों के चलते पिछले साल अकाली दल ने बीजेपी का साथ छोड़ दिया और बीजेपी के साथ अपना करीब 25 साल पुराना रिश्ता खत्म कर दिया था। कानूनों के विरोध में सुखबीर सिंह बादल ने कहा था कि पंजाब में किसान अकाली दल की रीढ़ है। उन्होंने यहां तक  कह दिया था कि सभी अकाली किसान है और सभी किसान अकाली है। साल 2017 में 117सीटों वाले विधानसभा चुनाव में अकाली दल 15 फीसदी सीटों पर सिमट कर रह गया था। ऐसे में अकाली दल  अपने वोट बैंक को किसी भी सूरत में और अधिक नाराज नहीं होने देता। इससे पहले अकाली दल दो बार लगातार सत्ता में रहा। 2017 के चुनाव में बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल गठबंधन को 15 फीसदी सीटों पर ही जीत मिली थी। वहीं कांग्रेस को 1957 के बाद से 2017 में सबसे बड़ी जीत मिली।

शिरोमणि अकाली दल प्रमुख ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी हाल में बीजेपी  के साथ दोबारा नहीं जाएंगे और बहुजन समाज पार्टी के साथ मिलकर ही अगला चुनाव लड़ेंगे। सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि बसपा के साथ उनका गठबंधन एकदम पक्का है। उन्होंने कहा अकाली दल बहुजन समाज पार्टी के साथ ही रहेंगी। सुखबीर सिंह बादल के बयान से अब यह साफ है कि अगले विधानसभा चुनाव में बीजेपी कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ मैदान में उतरेगी। अमरिंदर सिंह ने बीजेपी के साथ गठबंधन का विकल्प खुला रखा है।

अकाली दल के बसपा से गठबंधन के बाद से यह तय माना जा रहा है कि 117 सदस्यीय पंजाब  विधानसभा के चुनावों में सत्तारूढ़ कांग्रेस, शिअद बीएसपी, आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच बहुकोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा।