Raghav Chadha on Paper Leak: BJP सासंद राघव चड्ढा ने एंटी पेपर लीक बिल पर रखा अपना स्टैंड, कैंसर से की तुलना

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राज्यसभा में गुरुवार को बीजेपी सांसद राघव चड्ढा ने एंटी पेपर लीक बिल पर अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी सीरियस बीमारी का परमानेंट इलाज करना होगा। उन्होंने कैंसर से इसकी तुलना करते हुए कहा कि जैसे कैंसर का इलाज क्रोसिन खिलाकर नहीं किया जा सकता वैसे ही पेपर लीक जैसी प्रॉबल्म का इलाज मीडिया साउंट बाइट से नहीं बल्कि इंस्टीट्यूशनल सॉल्यूशन से होगा जो आज हमारी सरकार इस बिल के माध्यम से करने जा रही है।
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एंटी पेपर लीक बिल पर राघव चड्ढा ने साफ किया रुख
राघव चड्ढा ने कहा, "नीट के स्टूडेंट्स से कहना चाहूंगा कि आपका गुस्सा जायज है। आपका दर्द असली है। आपको एग्जाम सिस्टम से जो शिकायत है वो भी असली है। जब आपने अपनी चिंता व्यक्त की, अपना दर्द बताया तो प्रधानमंत्री ने परिवार के मुखिया की तरह उसको सुना। छात्रों ने मांग की, सरकार ने कदम उठाए। ऐतिहासिक फैसले लिए गए और सिस्टम बदल गया। जब एक स्टूडेंट नीट जैसे एग्जाम की तैयारी करता है तब तो अकेला तैयारी नहीं करता बल्कि उसका पूरा परिवार तैयारी करता है। मां घर का बजट कम करती है। पिता फैमिली सेविंग को कोचिंग और रेंट पर खर्च करता है। फैमिली को लोन तक लेना पड़ता है।"
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फास्ट ट्रैक कोर्ट को लेकर कही ये बात
बीजेपी सांसद ने कहा, "जिस उम्मीद के साथ स्टूडेंट्स ने अपनी मांग पीएम के सामने रखी, उस चिंता को, उस दर्द को समझते हुए तमाम एक्शन लिए गए। पेपर लीक के बाद तुरंत री-एग्जाम कराया गया ताकि साल बर्बाद ना हो। जांच सीबीआई को सौंपी। एसआईटी का गठन हुआ। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम जिसने 13 लोग मेन किंगपिन समेत गिरफ्तार किए। मात्र 75 दिन में चार्जशीट भी फास्ट ट्रैक कोर्ट में दर्ज करा दी गई। जांच को महीनों सालों लटकाया नहीं। 47 नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के ऑफिसर्स को शंट आउट किया गया।"
इसके बाद उन्होंने कहा कि नैतिक आधार पर हमारे एजुकेशन मिनिस्टर ने इस्तीफा तक दिया और स्टूडेंट प्रोटेस्टर्स के खिलाफ जो केसेस थे उन्हें वापस लिया गया। एग्जाम सिक्योरिटी प्रोटोकॉल्स को मजबूत किया जा रहा है और अगली बार से ये नीट का पेपर ओएमआर शीट से नहीं बल्कि फुल कंप्यूटर बेस्ड टेस्टिंग से कराया जाएगा। इसी के साथ-साथ सरकार ने एक हाई पावर टास्क फोर्स का गठन किया है जिसमें नंदन नीलकनी साहब को समिति में डाला गया है।
राघव चड्ढा ने एंटी पेपर लीक बिल के प्रावधानों का जिक्र करते हुए कहा कि अपराधी के मन में खौफ पैदा करने के लिए एक ऐसा कानून लेकर सरकार लेकर आई है, जिसके पास होने के बाद कोई अपराधी सपने में भी यदि पेपर लीक करने का सोचेगा तो उसकी रूह कांप जाएगी। पेपर लीक को एक इंडिविजुअल द्वारा किया गया क्राइम नहीं बल्कि एक ऑर्गेनाइज्ड सिंडिकेट नेटवर्क द्वारा किए गए क्राइम के तौर पर ट्रीट किया जाएगा। इंसाइडर हो, कोचिंग माफिया हो, लॉजिस्टिक वेंडर हो, प्रिंटिंग प्रेस हो, सॉल्वर गैंग हो, एग्जाम ऑफिशियल्स हो, सब पर कारवाई होगी। सबको दोषी करार देने के बाद 10 साल तक की जेल होगी और ₹1 करोड़ तक का जुर्माना लिया जाएगा।
Created On :   30 July 2026 9:55 PM IST











