Parliament Monsoon Session: राज्यसभा में मनुस्मृति पर मल्लिकार्जुन खरगे का बड़ा बयान, BJP सांसद जेपी नड्डा का पलटवार, कहा - अशांति फैलेगी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राज्यसभा में गुरुवार को पेपर लीक बिल पर चर्चा हुई। इस दौरान सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर हंगामा हुआ। सदन में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने मनुस्मृति का जिक्र किया।
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सभापति ने खरगे को बीच में टोका
राज्यसभा में बिल पर चर्चा के दौरान सांसदों के बीच जमकर हंगामा देखने को मिला। इस दौरान सभापति ने खरगे को टोका। उन्होंने कहा कि मनुस्मृति का पेपर लीक बिल से क्या लेना-देना है।
खरगे ने कहा था कि नए सिलेबस में मनुस्मृति की चीजें डाली जा रही हैं। खरगे ने मनुस्मृति का जिक्र करते हुए कहा कि वेद का उच्चारण करने पर जीभ काटने तक की बात कही गई है। वेद मंत्र धारण करने पर शरीर काटने तक की बात कही गई है। ये सब मनुस्मृति में लिखा हुआ है। खरगे के इतना बोलते ही सदन में हंगामा मच गया।
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खरगे के बयान पर जेपी नड्डा का पलटवार
सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बीजेपी की ओर से जवाब देते हुए मनुस्मृति से जुड़ी टिप्पणी को रिकॉर्ड से हटाने का आग्रह किया। इसके साथ ही कहा कि इससे समाज में अशांति फैल सकती है।
उन्होंने कहा, 'मैं खड़गे जी से अनुरोध करता हूं कि वे अपनी टिप्पणियों को मूल पाठ से प्रमाणित करें। मनुस्मृति, जिसका आमतौर पर अनुवाद मनु की संहिता के रूप में किया जाता है, का शाब्दिक अर्थ है "मनु के विचार"। यह मूल रूप से मध्ययुगीन काल के मनु नाम के एक तपस्वी द्वारा लिखा गया हिंदू धर्मग्रंथ है और लिंग और जाति-आधारित प्रावधानों के कारण इसकी व्यापक आलोचना हुई है।' कांग्रेस लंबे समय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर यह आरोप लगाती रही है कि वह देश के शासन के लिए संविधान के बजाय मनुस्मृति को मार्गदर्शक ढांचे के रूप में लागू करना चाहती है।'
Created On :   30 July 2026 9:45 PM IST











