राज्यसभा चुनाव 2026: झारखंड में भाजपा के पास संख्याबल कम, निर्दलियों के साथ किसकी लगेगी नैया पार?

डिजिटल डेस्क, भोपाल। झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर पक्ष-विपक्ष के नेताओं के बीच सियासी बयानबाजी शुरु हो गई है। झारखंड सरकार में मंत्री दीपिका पांडे ने मीडिया से कहा हमारे प्रत्याशी जीतेंगे, हमारे महागठबंधन के पास पर्याप्त संख्या है लेकिन भाजपा खरीद-फरोख्त करके राज्य को बदनाम करना चाहती है, रघुवर दास के समय जो समय, वही इस बार भी करने का प्रयास भाजपा कर रही है।
झारखंड में दो सीटों पर हो राज्यसभा चुनाव के लिए 6 नामांकन फॉर्म बिकने से राज्य की राजनीतिक में नई हलचल पैदा कर कर दी है। सियासी शतरंज के खेल में शह -मात की चाल चल रही है। महागठबंधन में एकजुटता होने के बाद भी पूरी तस्वीर साफ नहीं हो पा रही है। ऐसे में यहां रिजॉर्ट पॉलिटिक्स और हॉर्स ट्रेडिंग की चर्चा तेज है।
विधायकों की जरुरत है, इस हिसाब से यदि क्रॉस वोटिंग नहीं हुई तो महागठबंधन में एक कांग्रेस और एक जेएमएम का उम्मीदवार आसानी से जीत जाएगा, लेकिन बीजेपी , जेडीयू और एलजेपी के विधायकों की कुल संख्या 24 हो रही है, जिताने के लिए चार विधायकों के वोटों की जरूरत होगी, ऐसे में बीजेपी निर्दलीय का समर्थन ये सीट जिताने की कोशिश में है। महागठबंधन मतदान से पहले अपने विधायकों को तेलंगाना शिफ्ट कर सकता है।
झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा हमारे NDA गठबंधन के पास 24 विधायक हैं, जीतने के लिए 28 चाहिए। हम सबने तय किया कि जब हमारे पास संख्या नहीं है तो हम निर्दलीय का समर्थन करेंगे, हमारे पास अगर पूरी संख्या होती तो दल पूरे विचार-मंथन के बाद किसी को प्रत्याशी बनाता, चूंकि हमारे पास संख्या नहीं है इसलिए हमने परिमल नाथवानी का समर्थन करने का तय किया।
झारखंड सरकार में मंत्री इरफान अंसारी ने कहा झारखंड में हम कोई खरीद फरोख्त नहीं होने देंगे। झारखंड को हम लोगों ने सींचा है। भाजपा ने उसे बाजार बना कर रख दिया है। भाजपा को सुधरना चाहिए, एक सीट JMM, एक सीट कांग्रेस जीतेगी। मैं भाजपा को कहूंगा कि आपके पास संख्याबल नहीं है तो क्यों नाटक कर रहे हैं? हम झारखंड का अस्तित्व बचाएंगे, झारखंड की रक्षा करेंगे।
JMM सांसद महुआ माजी ने कहा हमारे प्रत्याशी के बारे में सभी जान रहे हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पार्टी अध्यक्ष के रूप में जिन्हें प्रत्याशी बनाया है वे निर्विवाद हैं और पार्टी के कार्यकर्ता हैं, इससे पहले पलामू क्षेत्र से कोई SC उम्मीदवार राज्यसभा नहीं गए थे इसलिए इसकी प्रशंसा हो रही है। दूसरी पार्टियों में क्या हो रहा है, क्या नहीं, यह उनका आंतरिक मामला है। बस खरीद-फरोक्त नहीं होनी चाहिए। यह स्वच्छ लोकतंत्र का संकेत नहीं है। भाजपा खुद कहती है कि बाकी सारे लोग ईमानदार नहीं हैं, इसलिए उन्हें खुद ईमानदारी दिखानी चाहिए, अगर लोग मर्ज़ी से वोट करते हैं तो अलग बात है लेकिन अगर खरीद-फरोख्त होती है तो यह गलत बात है, कल जो बैठक हुई थी, उसमें सभी लोग एकजुट होकर लड़ने की बात कर रहे हैं। हमारी पार्टी के पास पूरे आंकड़े हैं, कांग्रेस के पास कम आंकड़े हैं लेकिन अगर JMM, RJD, वामपंथियों की मदद मिल जाए तो निश्चित रूप से दोनों सीट निकल जाएगी।
नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 8 जून है, 9 जून को नामांकन पत्रों की जांच ,11 जून तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकेंगे और नतीजे 18 जून की शाम को घोषित किए जाएंगे।
Created On :   8 Jun 2026 1:38 PM IST






