प.बंगाल के 'शिंदे'!: कौन हैं 50 विधायकों की नाराजगी के साथ पार्टी सिंबल पर दावा करने वाले रिजू दत्ता? TMC ने क्यों किया निष्कासित? इन विवादों में रहा नाम

कौन हैं 50 विधायकों की नाराजगी के साथ पार्टी सिंबल पर दावा करने वाले रिजू दत्ता? TMC ने क्यों किया निष्कासित? इन विवादों में रहा नाम
टीएमसी से 50 विधायकों की नाराजगी का दावा करने वाले रिजू दत्ता कौन हैं? जानने के लिए आर्टिकल पढें...

डिजिटल डेस्क, कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पूर्व नेता रिजू दत्ता का नाम लगातार चर्चा में है। पार्टी से निष्कासित किए जा चुके रिजू दत्ता ने दावा किया है कि टीएमसी के करीब 50 विधायक नेतृत्व से नाराज हैं और पार्टी के भीतर बड़ी हलचल चल रही है। उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। लेकिन सवाल यह है कि आखिर रिजू दत्ता कौन हैं और उनका राजनीतिक सफर कैसा रहा है? अगर आप भी उनके बारे में जानना चाहते हैं तो ये आर्टिकल आपके लिए है...

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युवा कार्यकर्ता से बड़े नेता तक का सफर

रिजू दत्ता ने करीब 13 साल पहले तृणमूल कांग्रेस के साथ अपना राजनीतिक सफर शुरू किया था। वह पार्टी के जमीनी कार्यकर्ता रहे और संगठन के लिए लगातार काम करते रहे। अपनी बोलने की स्किल और एक्टिव रहने की वजह से उन्होंने जल्द ही पार्टी नेतृत्व का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। धीरे-धीरे वह पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल हो गए।

टीवी डिबेट्स में टीएमसी का प्रमुख चेहरा

समय के साथ रिजू दत्ता टीएमसी के राष्ट्रीय प्रवक्ता बने। टीवी चैनलों की बहसों में वह पार्टी का पक्ष रखने वाले सबसे सक्रिय नेताओं में गिने जाते थे। वह ममता बनर्जी सरकार और पार्टी नेतृत्व का खुलकर बचाव करते थे। उनकी पहचान एक आक्रामक और बेबाक प्रवक्ता के रूप में बनी।

विवादों से भी रहे चर्चा में

आपको बता दें कि, रिजू दत्ता का नाम कई बार विवादों में भी आया है। साल 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े एक कथित विवादित वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा करने के मामले में उनके खिलाफ FIR भी दर्ज हुई थी। इसके अलावा उन्होंने उन सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के खिलाफ भी शिकायतें की थीं जो ममता बनर्जी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते थे।

चुनावी हार के बाद बदले सुर

विधानसभा चुनाव 2026 में हारने के बाद दत्ता और टीएमसी के रिश्तों में दूरी बढ़ने लगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में नेताओं को खुलकर अपनी बात रखने की आजादी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव के दौरान उन पर भाजपा नेताओं के खिलाफ बोलने का दबाव बनाया गया था। बाद में उन्होंने भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी से सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी। इसके बाद टीएमसी ने उन्हें 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया था।

अब बने टीएमसी के सबसे बड़े आलोचक

पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित होने के बाद रिजू दत्ता लगातार टीएमसी नेतृत्व पर सवाल उठा रहे हैं। उनका दावा है कि पार्टी के कई विधायक मौजूदा नेतृत्व से खुश नहीं हैं। हाल ही में उन्होंने कहा कि करीब 50 विधायक एकजुट होकर अपनी बात रखने की तैयारी कर रहे हैं।रिजू दत्ता टीएमसी की टूट का बड़ा कारण बन सकते हैं इसलिए उनकी तुलना महाराष्ट्र के एकनाथ शिंदे से की जा रही है जो शिवसेना की टूट की वजह बने थे।

Created On :   2 Jun 2026 5:05 PM IST

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