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आईएसएल-6 : मुंबई सिटी एफसी ने मेजबान चेन्नइयन को बराबरी पर रोका

October 28th, 2019 09:43 IST
आईएसएल-6 : मुंबई सिटी एफसी ने मेजबान चेन्नइयन को बराबरी पर रोका

हाईलाइट

  • आईएसएल-6 : मुंबई सिटी एफसी ने मेजबान चेन्नइयन को बराबरी पर रोका

डिजिटल डेस्क,चेन्नई। दो बार के चैम्पियन चेन्नइयन एफसी और मुम्बई सिटी एफसी के बीच रविवार को दिवाली के पटाखों के धमाकों के बीच यहां के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में खेला गया हीरो इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के छठे सीजन का मुकाबला गोलरहित बराबरी पर समाप्त हुआ। इस मैच से दोनों टीमों को एक-एक अंक मिला। चेन्नई को अपने पहले मैच में एफसी गोवा के हाथों 0-3 से हार मिली थी जबकि मुंबई ने अपने पहले मैच में केरला ब्लास्टर्स को 1-0 से हराया था। अब मुंबई के खाते में चार और चेन्नई के खाते में 1 अंक है। इन दोनों टीमों के बीच आईएसएल का यह 11वां मैच था। चेन्नई ने पांच बार जीत हासिल की है जबकि चार बार मुंबई जीता है। दो मुकाबले बराबरी पर छूटे हैं।

दो स्तरीय टीमों के बीच खेला गया यह मैच एक्शन पैक्ड रहा। यह अलग बात है कि इस मैच में कोई गोल नहीं हुआ। इस मैच को गंवाए गए मौकों का हाफ कहा जाए तो गलत नहीं होगा। मेजबान टीम ने शुरुआती मौके बनाए लेकिन वह टारगेट को भेद नहीं सकी। इसके बाद मुंबई और भी बेहतर मौके बनाए लेकिन किस्मत उससे भी रूठी रही। पहला मौका मुंबई पर चेन्नई ने पहले ही मिनट में बनाया लेकिन आंद्रे शेम्बरी गोलकीपर अमरिंदर से वन-टू-वन की स्थिति में भी टारगेट पर निशाना नहीं लगा सके। इसी तरह का एक मौका 11वें मिनट में भी बना लेकिन इस बार रफाएल क्रिवेलारो गोल करने से चूक गए।

13वें मिनट में चेन्नई ने एक और मौका बनाया लेकिन लालियानजुआला चांग्ते के प्रयास को अमरिंदर ने भांप लिया। गेंद उनके पैरों से टकराकर क्रिवेलारो के पास गई लेकिन वह गेंद को बाहर मार बैठे। 20वें मिनट में मुंबई के स्टार मोदू सोगू को चोट लगी और वह 24वें मिनट में बाहर जाने को मजबूर हुए। मुंबई ने इसी मिनट में एक बड़ा मौका बनाया लेकिन अमीन चेरमीती गोलकीपर विशाल कैथ के साथ वन-टू-वन की स्थिति में भी गोल नहीं कर सके।

29वें मिनट में मुंबई के रेनियर फर्नांडिस और 33वें मिनट में मुंबई के ही रोवलिन बोर्गेस को पीला कार्ड मिला। 42वें मिनट में चांग्ते ने बाइलाइन के पास से एक करार शाट लिया, जिसे अमरिंदर ने बड़ी फुर्ती के साथ रोक लिया। 47वें मिनट में चेन्नई ने एक मौका बनाया लेकिन वह नाकाम रहा। 48वें मिनट में मुंबई के शौवीक चक्रवर्ती को पीला कार्ड मिला। अमरिंदर ने 54वें मिनट में मुंबई के एली साबिया के एक अच्छा प्रयास को नाकाम कर दिया। 56वें मिनट में मुंबई को मोहम्मद लार्बी को पीला कार्ड मिला।

62वें मिनट में रेनियर बाहर गए और पाउलो मचादो अंदर लिए गए। माचादो ने मैदान पर आते ही अपना असर दिखाना शुरू किया और इसी क्रम में 67वें मिनट में माचादो ने काउंटर अटैक पर सर्गे केविन के लिए एक बेहतरीन मूव बनाया लेकिन कैथ ने केविन के करारे शाट को रोक लिया। गेंद रीबाउंड होकर आई जिसे लूसियान गोइयान ने चालाकी से क्लीयर कर दिया। 71वें मिनट में चेन्नई के रफाएल क्रीवेलारो चोट के कारण मैदान से बाहर जाने को मजबूर हुए। मासीह सेगानी ने उनकी जगह ली। 82वें मिनट में चांग्ते ने काउंटर अटैक पर शानदार मूव बनाया और बाक्स के अंदर पहुंचकर एक क्रास शाट लिया लेकिन शौवीक ने उसे ब्लाक कर दिया। इसके बाद चेन्नई ने 85वें मिनट में भी इसी तरह का एक मौका बनाया। इस बार इस हमले के केंद्र में स्थानापन्न थोई सिंह थे लेकिन बाकी हमलों की तरह यह हमला भी दम तोड़ गया।

इंजुरी टाइम में मुंबई के शौवीक को थोई सिंह के खिलाफ गलत टैकल करने के लिए पीला कार्ड दिखाया गया। यह लाल कार्ड में परिवर्तित हुआ और मुंबई अंतिम एक मिनट 10 खिलाड़ियों के साथ खेलने को मजबूर हुई। चेन्नई को हालांकि इसका कोई फायदा नहीं मिल सका।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।