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ISL ने भारतीय खिलाड़ियों को पेशेवर बनाया : गौरमांगी सिंह

July 02nd, 2020 10:12 IST
ISL ने भारतीय खिलाड़ियों को पेशेवर बनाया : गौरमांगी सिंह

हाईलाइट

  • आईएसएल ने भारतीय खिलाड़ियों को पेशेवर बनाया : गौरमांगी सिंह

डिजिटल डेस्क, कोलकाता। भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व डिफेंडर गौरमांगी सिंह का मानना है कि इंडियन सुपर लीग (ISL) ने खिलाड़ियों को वित्तीय रूप से अधिक सुरक्षित महसूस करने में मदद की है। 2014 में ISL की शुरुआत होने के बाद इसमें एलेसेंड्रो डेल पियरो और रॉबर्ट पाइरेस जैसे वैश्विक फुटबॉलर को खेलते हुए देखा गया है।

गौरमांगी ने बुधवार को आईएएनएस से कहा, मैं ISL में खेला हूं और मैंने पेशेवर देखी है जो कि लीग में है। ISL में खिलाड़ी शांत हैं और वे खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं क्योंकि अपने अनुबंध की चिंता नहीं करते हैं। उन्होंने कहा, भारतीय फुटबॉल का विकास ISL के माध्यम से हुआ है और सभी क्लबों के बीच अब पेशेवर का एक स्थिर पैटर्न है।

गौरमांगी ने साथ ही कहा कि जिको और एंटोनियो हबास जैसे कोच ने भारतीय खिलाड़ियों के विकास में मदद की है और मैदान में क्लब और देश के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में भी मदद की है। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि हमारे पास कुछ अच्छे कोच भी हैं, जिनके पास अनुभव है और वे भारतीय प्रतिभाओं को कोचिंग दे रहे हैं। यह पहले भी था, लेकिन ISL के साथ यह अब नियमित हो गया है। ISL की सभी टीमें सिर्फ एक-दूसरे के साथ ही नहीं, बल्कि सभी टीमों के साथ भी प्रतिस्पर्धा करती हैं। हमें अभी भी एक लंबा रास्ता तय करना है लेकिन मुझे लगता है कि हम सही दिशा में हैं।

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। टोक्यो ओलंपिक का काउंटडाउन शुरु हो चुका हैं। 23 जुलाई से शुरु होने जा रहे एथलेटिक्स त्यौहार में भारतीय दल इस बार 120 खिलाड़ियों के साथ 18 खेलों में दावेदारी पेश करेगा। बता दें 81 खिलाड़ियों के लिए यह पहला ओलंपिक होगा। 120 सदस्यों के इस दल में मात्र दो ही खिलाड़ी ओलंपिक पदक विजेता हैं। पी.वी सिंधू ने 2016 रियो ओलंपिक में सिल्वर तो वहीं मैराकॉम ने 2012 लंदन ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था।

भारत पहली बार फेंनसिग में चुनौता पेश करेगा। चेन्नई की भवानी देवी पदक की दावेदारी पेश करेंगी। भारत 20 साल के बाद घुड़सवारी में वापसी कर रहा है, बेंगलुरु के फवाद मिर्जा तीसरे ऐसे घुड़सवार हैं जो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। 

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युवा कंधो पर दारोमदार

टोक्यो ओलंपिक में भाग लेने जा रहे भारतीय दल में अधिकतर खिलाड़ी युवा हैं। 120 खिलाड़ियों में से 103 खिलाड़ी 30 से भी कम आयु के हैं। मात्र 17 खिलाड़ी ही 30 से ज्यादा उम्र के होंगे। 

भारतीय दल में 18-25 के बीच 55, 26-30 के बीच 48, 31-35 के बीच 10 तो वहीं 35+ उम्र के 7 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इस लिस्ट में सबसे युवा 18 साल के दिव्यांश सिंह पंवार हैं, जो शूटिंग में चुनौता पेश करेंगे, तो वहीं सबसे उम्रदराज 45 साल के मेराज अहमद खान होंगे जो शूटिंग में ही पदक के लिए भी दावेदार हैं।