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पैट कमिंस की टिप्स के बूते नागरकोटी बने चतुर

November 19th, 2020 10:16 IST
पैट कमिंस की टिप्स के बूते नागरकोटी बने चतुर

हाईलाइट

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पीठ की चोट के कारण कुछ वर्षो तक क्रिकेट से दूर रहे तेज गेंदबाज कमलेश नागरकोटी ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 10 मैच खेल अपने आप को शीर्ष स्तर के लिए तैयार किया है, खासकर आस्ट्रेलिया के बेहतरीन गेंदबाज पैट कमिंस से मिली सीख की बदौलत। आईपीएल में दोनों ही गेंदबाज कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेले थे। कुछ दिनों में राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के लिए रवाना होने वाले नागरकोटी ने जयपुर से आईएएनएस से बात करते हुए कहा, शुरुआत में थोड़ी घबराहट थी, क्योंकि मैं लंबे समय बाद खेल रहा था। मैं बड़े मंच पर खेल रहा था और मेरे ऊपर दबाव था, लेकिन मैंने अनुभवी खिलाड़ियों से बात की थी कि दबाव को कैसे कम किया जाता है और कैसे इससे बाहर निकला जाता है। और कैसे इससे बाहर निकला जाता है।

नागरकोटी ने खासतौर पर कमिंस से इस बात पर सलाह ली कि चोट के दौरान मानसिकता किस तरह की रखनी चाहिए। 27 साल के कमिंस को भी अपने करियर की शुरुआत में चोटें लगी थीं। 2011 में पदार्पण करने के बाद कमिंस ने पांच साल बाद 2017 में वापसी की थी। नागरकोटी ने कहा, मैंने कमिंस से पूछा था कि उन्होंने चोट के समय को कैसे गुजारा था। उन्होंने मुझसे कहा था कि ऐसा कभी नहीं होगा कि तुम हमेशा फिट रहो, लेकिन जब यह चोट की स्थिति आती है, तब सबसे अहम होता है कि आप किस तरह से सकारात्मक रहते हैं। उन्होंने कहा था कि अगर आपको उच्च स्तर पर क्रिकेट खेलनी है तो, मायने नहीं रखता कि आप जीवन में किस तरह की स्थिति का सामना करते हो, आपको सकारात्मक रहना होगा। मुझे कमिंस से मिलकर सकारात्मक महसूस हुआ और यह शानदार था।

युवा अवस्था में ही 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंक सुर्खियां बटोरने वाले नागरकोटी ने कहा कि आस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज और बाकी के अन्य सीनियरों ने उन्हें तैयारी करने में मदद मिली। उन्होंने कहा, एक सलाह जो मुझे काफी पसंद आई, वो यह थी कि अगर गेंदबाज अच्छी तरह तैयारी करता है, अपने प्लान के बारे में जानता है, गेंदबाज जानता है कि वह अच्छी गेंदें डाल सकता है और उसने अच्छे से अभ्यास किया है, तो वो डरेगा नहीं और वह खेल में हमेशा सकारात्मकता लेकर जाएगा। मुझसे कहा गया था कि यह मत सोचो की तुम रन लुटाओगे, या मैंने अच्छी गेंदबाजी नहीं की। जब आप गेंदबाजी करते हैं, आपको पता होना चाहिए कि आपके प्लान क्या हैं।

कमिंस से एक और चीज जो नागरकोटी ने सीखी वो थी मुश्किल स्थिति में स्टॉक डिलीवरी। नागरकोटी की स्टॉक डिलीवरी गुड लैंग्थ से आउट स्विंगर है। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट इसी गेंद पर लिए हैं। उन्होंने कहा, कमिंस ने मुझसे कहा था कि मुझे आत्मविश्वास हासिल करने और सकारात्मकता बनाए रखने के लिए स्टॉक गेंद करनी होगी। यह वो गेंद है जिस पर मैं ज्यादा रन नहीं गंवाता। इसलिए यह हमेशा मेरे दिमाग में रहता है। आप जब भी रन लुटाए तो आपको स्टॉक गेंद का इस्तेमाल करें।

दाएं हाथ के इस युवा गेंदबाज ने कहा, मैंने वैरिएशन को लेकर उनसे ज्याद कुछ नहीं सीखा, लेकिन उनसे बात की, वह कटर गेंद अच्छे से डालते हैं। मैंने उनसे पूछा था कि वह गेंद को कैसे पकड़ते हैं, कैसे डालते हैं, उन्होंने मुझे बताया कि कैसे हमारे अलग-अलग एक्शन के कारण हमें इसे अलग-अलग तरह से करना होता है। आईपीएल में नागरकोटी ने 10 मैचों में पांच विकेट ही लिए। उन्होंने कहा कि बेशक उन्हें ज्यादा विकेट नहीं मिले हों, लेकिन वह भविष्य में अच्छा करेंगे। चोट से वापसी करने के बाद उन्होंने डीवाई पाटिल टूर्नामेंट भी खेला।

उन्होंने कहा, मैंने ज्यादा विकेट नहीं लिए, लेकिन अगली बार जब मुझे मौका मिलेगा तो मुझे पता है कि विकेट कैसे निकालने हैं और मुझे किस तरह की गेंदें डालनी हैं। मैं अलग-अलग तरह की गेंदें डालना भी सीख रहा हूं। इस समय मैं धीरे-धीरे अपने काम को बढ़ा रहा हूं। आईपीएल से पहले में चार ओवर फेंकता था जिसमें टी-20 के हिसाब से गेंदें जैसे यॉर्कर शामिल रहती थीं लेकिन अब मैं एक दिन में आठ से 10 ओवर डाल रहा हूं।

नागरकोटी को भारतीय टीम के साथ आस्ट्रेलिया के लिए बतौर नेट गेंदबाज रवाना होना था, लेकिन बीसीसीआई ने उनके काम के बोझ को मैनेज करने के लिए भारत में ही रोक लिया। युवा गेंदबाज ने कहा, मैंने बीसीसीआई से बात की थी कि मैंने कितने ओवर फेंके हैं और आगे कितने ओवर फेंकने हैं। चिंता की बात यह थी कि चूंकि यह लंबा दौरा है और टी-20, वनडे सीरीज भी खेली जानी हैं, इसलिए काम का बोझ बढ़ जाएगा। मुझे अभी भी धीरे-धीरे लंबे स्पैल फेंकने पर काम करना होगा।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।