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क्या हर लीक के बाद चुप रहेगी आईसीसी?

June 01st, 2020 17:54 IST
क्या हर लीक के बाद चुप रहेगी आईसीसी?

हाईलाइट

  • क्या हर लीक के बाद चुप रहेगी आईसीसी?

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। आईसीसी का पिछले सप्ताह गोपनीयता के मुद्दे पर अपने एथिक्स अधिकारी के नेतृत्व में स्वतंत्र जांच कराने का फैसला लेना और इसे वैश्विक विशेषज्ञों द्वारा समर्थन करने से मौजूदा और पूर्व अधिकारियों के मन में सवाल उठा दिए हैं और उनको लगता है कि कुछ सवालों के जवाब नहीं मिले हैं। आईसीसी ने गुरुवार को हुई बैठक के बाद बयान जारी करते हुए कहा कि वह अपने सभी मुद्दे 10 जून को होने वाली बैठक तक के लिए टाल रही है।

बीसीसीआई के एक अधिकारी ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि अगर आईसीसी सीईओ बोर्ड के सामने मामले पेश कर रहा है तो क्या इसका मतलब यह है कि उनकी जांच नहीं की जाएगी? उन्होंने कहा, एथिक्स अधिकारी का क्या महत्व है और क्या जांच को रोका नहीं जाएगा? क्या इस मामले में सीईओ और चेयरमैन कार्यवाही का हिस्सा नहीं होंगे? क्या ऐसा नहीं होना चाहिए कि एथिक्स अधिकारी की रिपोर्ट सीधे निदेशकों के पास पहुंचाई जाए?

आईसीसी के पूर्ण सदस्य बोर्ड के अधिकारी ने कहा कि क्या आईसीसी के सभी कर्मचारियों के सर्वर की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा, क्या आईसीसी के सभी कर्मचारियों के सर्वर की जांच की जाएगी? किस प्रक्रिया का पालन किया जाएगा? साथ ही इस समय कोरोनावायरस है तो ऐसे में फिजिकिल मूवमेंट को लेकर क्या होगा? क्या वर्जुअल मीटिंग किसी इंसान की जांच के लिए काफी होगी? जांच के संदर्भ में क्या शर्ते होंगी।

आईएएनएस ने जांच के संदर्भ की शर्तो को जानने के लिए रिक्वेस्ट भेजा था लेकिन इसके संबंध में कोई जवाब नहीं आया। बीसीसीआई के पूर्व अधिकारी जिन्होंने पहले आईसीसी की बैठकों में हिस्सा लिया है, उन्होंने कहा कि जिस तरह से चीजें हो रही हैं उससे वे हैरान हैं और साथ ही मीडिया में बैठक स्थगित करने की खबरों से भी हैरान हैं।

उन्होंने कहा, मैं इस बात से हैरान हूं कि एक लीक आईसीसी की बैठक को 10 जून तक टालने के लिए काफी रही। यह गंभीर मुद्दे हैं। प्रशासन संबंधी कई चीजें लीक हुई हैं और आगे भी होंगी। क्या संगठन हर लीक हुई खबर पर चुप रहेगा?

मीडिया में आई दो खबरों ने आईसीसी में हंगमा मचा दिया था। पहली खबर आईसीसी और बीसीसीआई के बीच टैक्स में छूट को लेकर थी तो दूसरी क्रिकेट आस्ट्रेलिया के चेयरमैन का आईसीसी को यह बताना कि वह इस साल अक्टूबर-नवंबर में होने वाले टी-20 विश्व कप की मेजबानी करने की स्थिति में नहीं है।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।