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MP News: विधानसभा के इसी सत्र में लाया जा सकता है धनवंतरी स्वास्थ्य विधेयक, उज्जैन में होगी यूनिवर्सिटी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मेडिकल यूनिवर्सिटी को तीन हिस्सों में बांटने का प्रस्ताव है, जिसका एक पार्ट आयुष यूनिवर्सिटी होगी जो उज्जैन में प्रस्तावित है। जबलपुर के बाद भोपाल में भी मेडिकल यूनिवर्सिटी का एक प्रस्ताव प्रस्तावित है। इनके लिए जिलों की संख्या का भी निर्धारण हुआ था। जिसमें हर साल करीब 120 का बोझ बढ़ता।
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इसी सत्र में 14 विधेयक है प्रस्तावित
पांच दिवसीय विधानसभा सत्र में राज्य सरकार 14 विधेयक ला सकती है। इनमें स्वास्थ्य विभाग के 2, वित्त विभाग के 2 , विधि और विधायी कार्य विभाग के 3, उच्च शिक्षा विभाग का 1, नगरीय एवं प्रशासन विभाग का 1, श्रम विभाग का 1, लोक निर्माण विभाग का 1, वाणिज्यिक कर विभाग के 2 और पंचायत एवं ग्रामीण विकास का 1 विधेयक संभावित है। इनमें से अभी तक एक ही विधेयक को कैबिनेट से मंजूरी मिली है। माना जा रहा है कि यूसीसी के साथ अन्य विधेयकों को कैबिनेट की मंजूरी के लिए अगली कैबिनेट बैठक में लाया जाएगा।
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ये विधेयक है प्रस्तावित
विधि और विधायी कार्य विभाग से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (मप्र संशोधन) विधेयक मंत्रि-परिषद द्वारा पहले ही अनुमोदित किया जा चुका है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भारतीय समान नागरिक संहिता विधेयक को इसी सत्र में लागू करने की बात कही है। लोक निर्माण विभाग द्वारा मप्र राजमार्ग (संशोधन) विधेयक का वरिष्ठ सचिव समिति द्वारा अनुमोदित किया गया है। लेकिन इसमें कुछ सुझाव दिए गए हैं। नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा मप्र अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विधेयक कैबिनेट की मंजूरी के बाद लाया जाएगा। विभाग ने इसका प्रारूप तैयार कर लिया है। इस विधेयक में भी सुझाव के बाद कई संशोधन किए गए हैं। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि विधेयक के आने के बाद भोपाल के भौरी ट्रेनिंग सेंटर में कर्मचारियों को बकायदा ट्रेनिंग भी दी जाएगी। अधिकारियों की नियुक्ति के बाद जिम्मेदारी तय होगी। एक्ट आने से फायर संबंधित कॉलेज के बच्चों को रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। सभी कार्य नियम से किए जाएंगे। जिसका फायदा जनता को मिलेगा। यह विधेयक वरिष्ठ सचिव समिति द्वारा संशोधन प्रस्तावित है। इसके साथ ही वित्त विभाग द्वारा मप्र विनियोग(क्रमांक) विधेयक( प्रथम अनुपूरक अनुमान) 21 जुलाई को उपस्थापना तथा 22 जुलाई को पारण प्रस्तावित है। वहीं मप्र उपकर (संशोधन) विधेयक 2026(अध्यादेश के स्थान पर) लाया जा सकता है। वरिष्ठ सचिव समिति द्वारा यह अनुमोदित है। विधि और विधायी कार्य विभाग मप्र निरसन विधेयक 2026 को वरिष्ठ सचिव समिति ने अनुमोदित किया है। उच्च शिक्षा विभाग में मप्र निजी विश्वविद्यालय(स्थापना एवं संचालन) संशोधन विधेयक 2026, श्रम विभाग में मप्र श्रम संहिता 2026, वाणिज्यिक कर विभाग में मप्र माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2026, मप्र वेट (संशोधन) विधेयक 2026, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का मप्र पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज(संशोधन) विधेयक,2026(अध्यादेश के स्थान पर) लाया जा सकता है।
Created On :   17 July 2026 2:03 AM IST












