मध्य प्रदेश न्यूज: कोसमी में आदिवासियों के मकान तोड़ने पर एनसीएसटी ने लिया संज्ञान, MP सरकार से 3 दिन में मांगा जवाब

कोसमी में आदिवासियों के मकान तोड़ने पर एनसीएसटी ने लिया संज्ञान, MP सरकार से 3 दिन में मांगा जवाब
मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के कोसमी गांव में आदिवासी परिवारों के मकान तोड़े जाने के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) ने संज्ञान लिया है।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के कोसमी गांव में आदिवासी परिवारों के मकान तोड़े जाने के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) ने संज्ञान लिया है। आयोग ने इस संबंध में मध्य प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव, वन विभाग के प्रमुख सचिव, पुलिस महानिदेशक, सीहोर कलेक्टर और अन्य संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। आयोग ने अधिकारियों से तीन दिनों के भीतर मामले से जुड़ी जानकारी और की गई कार्रवाई का विवरण प्रस्तुत करने को कहा है।

आयोग के नोटिस में दैनिक भास्कर समाचार पत्र में 11 अक्टूबर को प्रकाशित कोसमी गांव में आदिवासी परिवारों के घर तोड़े जाने वाली खबर का हवाला भी दिया है। इसके साथ ही बताया कि इस मामले में एक याचिका, शिकायत या सूचना प्राप्त हुई थी, जिसके आधार पर उसने मामले का स्वतः संज्ञान लिया है।

तीन दिन में जवाब देने के निर्देश

नोटिस में कहा गया है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 338A के तहत आयोग को सिविल न्यायालय जैसी शक्तियां प्राप्त हैं। इसी के तहत संबंधित अधिकारियों से मामले में हुई कार्रवाई और आरोपों से जुड़ी जानकारी मांगी गई है। अधिकारियों को नोटिस प्राप्त होने के तीन दिनों के भीतर हस्ताक्षरित जवाब डाक, व्यक्तिगत रूप से या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।

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आयोग ने नोटिस में यह भी स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलता है , तो वह संविधान के अनुच्छेद 338A के तहत प्राप्त शक्तियों का इस्तेमाल कर सकता है। इसके तहत अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से या प्रतिनिधि के माध्यम से उपस्थित होने के लिए समन जारी किया जा सकता है।

कई वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा नोटिस

यह नोटिस मध्य प्रदेश शासन के मुख्य सचिव, वन विभाग के प्रमुख सचिव, पुलिस महानिदेशक, सीहोर के कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, वनमंडलाधिकारी और राज्य वन विकास निगम के प्रबंध संचालक को भेजा गया है। अब इस मामले में संबंधित अधिकारियों के जवाब और आयोग की आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।

Created On :   12 Oct 2026 9:05 PM IST

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