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MP News: माधव और दुर्गावती टाइगर रिजर्व के उप वनमंडलों की सीमाओं का पुनर्गठन हुआ

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मप्र वन विभाग ने बेहतर प्रबंधन एवं प्रशासनिक नियंत्रण हेतु शिवपुरी स्थित माधव टाइगर रिजर्व एवं सागर स्थित रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के उपवनमंडलों की सीमाओं का पुनर्गठन किया है। अब माधव टाइगर रिजर्व के कुल क्षेत्रफल 1651.387 वर्ग किलोमीटर के अंतर्गत उपवनमंडल शिवपुरी में रेंज उत्तर सतनवाड़ा कोर क्षेत्र, रेंज दक्षिण शिवपुरी कोर क्षेत्र, रेंज पूर्व सुरवाया कोर क्षेत्र एवं रेंज मध्य सतनवाड़ा कोर क्षेत्र आयेंगे जबकि उपवनमंडल सतनवाड़ा अंतर्गत रेंज सतनवाड़ा पश्चिम बफर क्षेत्र, रेंज सुभाषपुरा पश्चिवम बफर क्षेत्र एवं रेंज सुभाषपुरा पूर्व बफर क्षेत्र आयेंगे।
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इसी प्रकार, सुरवाया उपवनमंडल अंतर्गत रेंज शिवपुरी बफर क्षेत्र एवं रेंज अमोला बफर क्षेत्र सतनवाड़ा पूर्व बफर क्षेत्र आयेंगे। इस प्रकार, तीन उपवनमंडलों के अंतर्गत कुल दस रेंज आयेंगी। इसके अलावा, सागर के रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के कुल क्षेत्रफल 2339.131 वर्ग किलोमीटर अंतर्गत उपवनमंडल रहली अंतर्गत रेंज बलेह, रेंज मोहली, रेंज नौरादेही, उपनमंडल बरमान अंतर्गत रेंज महारजपुर, नरसिंहपुर जिले में रेंज सरसैला, रेंज डोंगरगांव, दमोह जिले के उपवनमंडल तेंदूखेड़ा अंतर्गत रेंज सर्रा, रेंज झापन, रेंज झलौन बफर, उपवनमंडल तेजगढ़ अंतर्गत रेंज सिंग्रामपुर एवं रेंज तेजगढ़ बफर आयेंगे। इस प्रकार, तीनों जिलों की कुल 11 रेंज आयेंगी।
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घुघरा और वीरपुर मनोरंजन क्षेत्र घोषित
विभाग ने मप्र वन मनोरंजन एवं वन्यप्राणी अनुभव नियम 2015 के तहत वनमंडल पश्चिम मंडला की रेंज बरेला अंतर्गत घुघरा के कक्ष क्रमांक 262 एवं 263 के 7 हैक्टेयर क्षेत्र तथा सीहोर वनमंडल की रेंज वीरपुर के मगरपाठ स्थल के कक्ष क्रमांक 330 एवं 339 के 61.10 हैक्टेयर क्षेत्र को मनोरंजन क्षेत्र घोषित किया है। 11 साल पहले राज्य शासन ने आरक्षित वनों में पर्यटन और मनोरंजक गतिविधियों को व्यवस्थित करने के लिए नियम बनाए थे। इनके तहत वनों में पर्यटकों के लिए कैंपिंग, ट्रेकिंग, हाइकिंग, नौका विहार (बोटिंग), फोटोग्राफी, जिप-लाइनिंग, नेचर ट्रेल्स, बर्ड वॉचिंग, वाइल्डलाइफ सफारी, साइकिलिंग, पिकनिक, वाटर क्रूज, कैफेटेरिया, टेंट और मचान जैसी गतिविधियों को शामिल किया गया है। राज्य सरकार इन नियमों के तहत वनों के कुछ हिस्सों को मनोरंजन क्षेत्र के रूप में अधिसूचित करती है। ऐसे अधिसूचित क्षेत्रों में संबंधित क्षेत्र के डीएफओ या प्राधिकृत अधिकारी की अनुमति के बिना और निर्धारित शुल्क चुकाए बिना कोई भी व्यक्ति या वाहन इन मनोरंजन या वन्यप्राणी अनुभव क्षेत्रों में प्रवेश नहीं कर सकता है।
Created On :   11 Oct 2026 2:03 AM IST













