MP News: नाबालिग बच्चियों की खरीद-फरोख्त को लेकर एनएचआरसी ने मप्र-राजस्थान और महाराष्ट्र के सचिवों और डीजीपी को दिया नोटिस, मांगा जवाब

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मप्र, राजस्थान और महाराष्ट्र में मानव तस्करी को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कड़ा एक्शन लेते हुए प्रदेश के सचिवों और डीजीपी से जवाब मांगा है। एनएचआरसी ने इन तीनों प्रदेशों में बच्चियों के खरीद-बिक्री के मामले पर स्वतः संज्ञान लिया। एनएचआरसी ने इन तीनों प्रदेश के सचिवों और डीजीपी को नोटिस जारी कर 2 सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट जमा करने के लिए कहा है।
यह भी पढ़े -अनिरुद्ध मुखर्जी के निलंबन की मांग, RTI एक्टिविस्ट अजय दुबे ने नियुक्ति प्रक्रिया पर उठाए सवाल
आयोग ने यह संज्ञान एक मीडिया रिपोर्ट के आधार पर लिया। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि मप्र और राजस्थान की सीमा से लगे कई जिलों में माता-पिता अपनी नाबालिग बेटियों को 3 लाख से 5 लाख रुपये में दलालों को बेच रहे। इसके बाद दलाल इन छोटी बच्चियों को फर्जी दस्तावेजों की मदद से अपना गोद लिया हुआ बच्चा बताकर दूसरे स्थानों पर ले जाते हैं। जब ये लड़कियां बालिग (18 साल की) हो जाती हैं, तो उनकी पहचान छिपाने के लिए उनके नाम और व्यक्तिगत जानकारी बदल दी जाती है। इसके बाद उन्हें महाराष्ट्र के अलग-अलग शहरों में देह व्यापार के लिए 35 लाख से 40 लाख रुपये में बेच दिया जाता है।
यह भी पढ़े -हरदीप सिंह पुरी के नामांकन पर हेमंत कटारे की आपत्ति, निर्दलीय प्रत्याशी राजकुमार लोहनी का पर्चा निरस्त
आयोग ने कहा है कि यदि जानकारी सही है तो यह बच्चियों के मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। आयोग ने 30 अक्टूबर को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट का हवाला दिया। जिसके अनुसार गरीबी और अन्य कारणों से माता-पिता अपनी बेटियों को बेच देते हैं। इस रिपोर्ट में मानव तस्करी की शिकार हुई चार लड़कियों के मामलों का भी जिक्र है।
Created On :  

