comScore

वृक्षारोपण के वृहद अभियान अंकुर से जुड़कर ऑक्सीजन समृद्ध प्रदेश बनायें - मुख्यमंत्री श्री चौहान विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री श्री चौहान का संदेश!

June 05th, 2021 16:20 IST
वृक्षारोपण के वृहद अभियान अंकुर से जुड़कर ऑक्सीजन समृद्ध प्रदेश बनायें - मुख्यमंत्री श्री चौहान विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री श्री चौहान का संदेश!

डिजिटल डेस्क | दतिया मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश के हरित क्षेत्र में वृद्धि, स्वच्छ पर्यावरण और प्राणवायु से समृद्ध प्रदेश बनाने के लिये जन-सहभागिता से व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण का वृहद अभियान "अंकुर" प्रारंभ किया जा रहा है। वृक्षों द्वारा कार्बन डाई ऑक्साइड का अवशोषण और वातावरण में ऑक्सीजन का उत्सर्जन बढ़ाना ही अंकुर अभियान का उद्देश्य है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आमजन के लिये अपने संदेश में कहा कि "अंकुर" कार्यक्रम में जन-सहभागिता के लिये मोबाइल पर "वायुदूत एप" डाउनलोड कर स्व-पंजीयन करना होगा और पौधा रोप कर उसका फोटो अपलोड करना है। फलदार-छायादार वृक्ष का पौध-रोपण और देखभाल करने वाले चयनित प्रतिभागियों को सम्मानित कर उन्हें सहभागिता प्रमाण-पत्र प्रदान किये जाएँगे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अपील की है कि वृहद वृक्षारोपण के अभियान "अंकुर" में अधिक से अधिक नागरिक उत्साह के साथ जुड़कर इस पुनीत पर्यावरण यज्ञ में शामिल हों और पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन में अपना योगदान दें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पर्यावरण के प्रति आम नागरिकों में जागरूकता बढ़ाने और संरक्षण एवं संवर्धन से जुड़े सकारात्मक कार्य के लिये उन्हें प्रेरित करने के उद्देश्य से प्रति-वर्ष पाँच जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष पर्यावरण दिवस का मुख्य विषय पारिस्थितिकी तंत्र का पुनरूद्धार रखा गया है। प्रकृति के बिना मानव जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। पेड़-पौधे, जंगल, पहाड़, नदी, झील और भूमि आदि के साथ मनुष्य के परस्पर संबंध के महत्व को समझना आवश्यक है।

प्रकृति के साथ सहचर्य और शांति की भावना से जीवन जीना आज के समय की अनिवार्यता है। पारिस्थितिकी तंत्र में वृक्ष और वनस्पति एक महत्वपूर्ण कड़ी है। घने वृक्ष और प्रचुर मात्रा में वनस्पति की मौजूदगी पारिस्थितिकी तंत्र के सुरक्षित एवं सक्रिय होने की सूचक होती है। विकास की अनिवार्यता के कारण प्राकृतिक संसाधनों पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। पर्यावरणीय तंत्र में मानव जनित असंतुलन के दुष्परिणाम, जलवायु परिवर्तन, जैव-विविधता में असंतुलन और महामारी के रूप में सामने आ रहे हैं। अतरू हमें अपने परिवेश को स्वच्छ रखना होगा। वातावरण को शुद्ध रखने और प्राण-वायु ऑक्सीजन की उपलब्धता बढ़ाने के लिये अधिक संख्या में वृक्षारोपण करना होगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने नागरिकों को विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएँ दी।

कमेंट करें
ar4jq
NEXT STORY

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।