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नागपुर : बिना संपर्क में आए मरीजों की स्क्रीन पर मिलेगी पल-पल की जानकारी

नागपुर : बिना संपर्क में आए मरीजों की स्क्रीन पर मिलेगी पल-पल की जानकारी

डिजिटल डेस्क, नागपुर। कोविड-19 के संक्रमण के लपेटे में आ रहे डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को सुरक्षा मुहैया कराने को लेकर लगातार काम चल रहा है। इसी के तहत मेडिकल अस्पताल में एक खास उपकरण प्रायोगिक तौर पर लगाया गया है। इसका नाम डोजी है। इसकी मदद से बिना मरीज के संपर्क में आए उसकी जांच हो सकेगी। साथ ही, मरीज की पल-पल की रिपोर्ट अस्पताल के स्टाफ को मिलती रहेगी। इसकी शुरुआत मेडिकल के आईसीयू में शुक्रवार को हुई। सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो इस व्यवस्था को स्थायी तौर पर लागू कर दिया जाएगा। कोरोना मरीजों की नियमित जांच के लिए इसी उपकरण का उपयोग किया जाएगा।

आईआईटी बंगलुरु के छात्रों ने किया है तैयार
डोजी नाम के इस उपकरण को बंगलुरु आईआईटी के छात्रों ने तैयार किया है। इसकी मैन्युफैक्चरिंग चेन्नई में हो रही है। इसलिए यह पूरी तरह मेक इन इंडिया है। नागपुर में इस तरह का प्रयोग पहली बार किया जा रहा है। 

ये जांचें होंगी
इस उपकरण से बीट पर मिनट, रेस्पिरेटरी, पल्स ऑक्सीमीटर, एसपीओ2, ब्लड प्रेशर की जांच हो सकेगी। इसके लिए डॉक्टर या नर्सिंग स्टाफ को मरीज के संपर्क में नहीं आना होगा। यह उपकरण सॉफ्टवेयर के माध्यम से काम करेगा। मरीज के नाम के साथ पूरा विवरण चिकित्सकों को मिलेगा। उदाहरण के लिए- अगर रेस्पिरेटरी, पल्स रेट में कुछ समस्या आती है तो तुरंत अलर्ट कर देगा। इससे अासानी से मरीजों की जांच और देखरेख हो सकती है। 

बिस्तर के नीचे रखा जाएगा उपकरण 
डिस्ट्रीब्यूटर श्रीयश जिचकार ने बताया कि इसमें सेंसर लगी हुई एक मेट होती है, जिसे मरीज के बिस्तर के नीचे रखी जाती है। बिस्तर कितनी भी मोटाई का हो उससे मशीन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उपकरण को वाई-फाई से जोड़ दिया जाएगा। इसके बाद शरीर के कंपन से ही मैट तक सिग्नल जाएगा और वह लाइव जानकारी साॅफ्टवेयर पर दिखाता रहेगा। इस सॉफ्टवेयर को फोन में डाउनलोड कर सकते हैं। फाेन लेकर आप कहीं भी रहेंगे, सारी जानकारी मिलती रहेगी। इसमें रेंज जैसी कोई समस्या नहीं है। पांच उपकरण मुफ्त में मेडिकल अस्पताल को दिए हैं। 3-4 दिन टेस्टिंग के बाद आगे कोविड वार्ड के लिए देंगे। 

सॉफ्टवेयर के माध्यम से संपर्क में रहेंगे डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ
इस उपकरण से मरीजों और डॉक्टरों के बीच संपर्क सॉफ्टवेयर के माध्यम से रहेगा। फिजिकल दूरी रहेगी। फिलहाल आईसीयू में ट्रायल के तौर पर प्रयोग शुरू हुआ है। कोविड वार्ड में इसका उपयोग होगा। -डॉ. अविनाश गावंडे, अधीक्षक, शासकीय चिकित्सा एवं महाविद्यालय अस्पताल

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