Uttarakhand News: मुख्यमंत्री धामी की नई पहल, आंगनबाड़ी, लोकल उद्योग और रोजगार पर फोकस

मुख्यमंत्री धामी की नई पहल, आंगनबाड़ी, लोकल उद्योग और रोजगार पर फोकस
उत्तराखंड CM पुष्कर सिंह धामी ने आंगनबाड़ी कर्मचारियों को राहत, लोकल उत्पादों को डिजिटल बाजार से जोड़ा और रोजगार-उन्मुख सुधारों की रूपरेखा तय की।

डिजिटल डेस्क, देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में राज्य की विकास की तस्वीर बदलने वाली कई सकारात्मक घोषणाएं की हैं। आंगनबाड़ी कर्मचारियों को वेतन वृद्धि का आश्वासन, ग्रामीण हस्तशिल्प को डिजिटल बाजार से जोड़ने की पहल, और युवाओं-महिलाओं के लिए रोजगार की नई रणनीति- ये कदम प्रदेश में सामाजिक कल्याण और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में अहम माने जा रहे हैं।

क्या हैं वो बड़े कदम

आंगनबाड़ी कर्मचारियों को राहत: मानदेय वृद्धि की तैयारी

प्रदेश की करीब 40 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं लंबे समय से बेहतर मानदेय की मांग कर रही थीं। धामी सरकार ने अब उनकी मांगों को गंभीरता से लिया है। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है- जिसमें मानदेय में 1600 रुपये तक की वृद्धि का प्रस्ताव है।

इस कदम से न सिर्फ आर्थिक मदद मिलेगी, बल्कि करीब दर्जन-हजारों परिवारों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद बढ़ी है।

ग्रामीण उत्पादों को नया बाजार: “गांव से डिजिटल ग्लोबल”

सीएम धामी की अगुवाई में राज्य सरकार ने लोकल हस्तशिल्प, ऑर्गेनिक अनाज और आयुर्वेदिक उत्पादों को डिजिटल प्लेटफार्म से जोड़ने की रणनीति अपनाई है। इस पहल से पहाड़ी किसान, कारीगर और स्वयं-सहायता समूह अब सीधे राष्ट्रीय और ऑनलाइन बाजारों से जुड़ सकेंगे।

सरकार ने महिलाओं द्वारा संचालित स्वयं-सहायता समूहों की पैकेजिंग, ब्रांडिंग व ऑनलाइन बिक्री के लिए प्रशिक्षण शुरू किया है- जिससे उन्हें रोज़गार तो मिलेगा ही, आत्मनिर्भर बनने का मौका भी मिलेगा।

नए रोजगार अवसर: युवाओं व महिलाओं पर फोकस

धामी सरकार ने युवाओं और महिलाओं को रोजगार देने के लिए नई नीतियां बनाई हैं। इससे न सिर्फ रोज़गार मिलेगा, बल्कि राज्य के ग्रामीण इलाकों में पलायन की प्रवृत्ति को भी कम करने की योजना है।

इस बदलाव से कई युवाओं की आत्मनिर्भरता बढ़ने की उम्मीद है- और प्रदेश में सामाजिक व आर्थिक स्थिरता को भी बल मिलेगा।

क्यों मायने रखता है ये बदलाव

इन पहलों से सिर्फ लाभार्थियों का ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड की सामाजिक और आर्थिक तस्वीर बदलने की सम्भावना दिखने लगी है। आंगनबाड़ी कर्मियों का वेतन बेहतर होगा, ग्रामीण उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, और युवाओं-महिलाओं को रोजगार मिलने से बेरोजगारी कम होगी।

सरकार का यह मॉडल- “लोकल से ग्लोबल, सरकार से स्वावलंबन”- पहाड़ी इलाकों की विकेंद्रीकृत विकास रणनीति की दिशा में एक मजबूत कदम है।

Created On :   8 Dec 2025 3:59 PM IST

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