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टेक: स्वदेशी GPS का इस्तेमाल कर सकेंगे यूजर्स , Xiaomi-ISRO की बातचीत एडवांस स्टेज पर

टेक: स्वदेशी GPS का इस्तेमाल कर सकेंगे यूजर्स , Xiaomi-ISRO की बातचीत एडवांस स्टेज पर

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। आने वाले स्मार्टफोन्स में यूजर्स स्वदेशी GPS NaVIC (नाविक) की सेवाओं का लाभ ले सकेंगे। दरअसल भारतीय अंतरिक्ष शोध संगठन (ISRO) और चीन की स्मार्टफोन निर्माता कंपनी श्याओमी (Xiaomi) इसे लेकर बातचीत कर रही हैं। 

ISRO के एक अधिकारी के अनुसार, नाविक के अनुकूल चिपसेट को लेकर बातचीत जारी है। अमेरिका की चिप निर्माता कंपनी क्वालकॉम इस तरह के चिपसेट तैयार कर रही है। उन्होंने बताया कि यदि सबकुछ ठीक रहा तो स्मार्टफोन कंपनी Xiaomi अगले सात महीने में NaVIC इंटीग्रेशन के साथ हैंडसेट्स लॉन्च कर सकती हैं।

मिड-सेगमेंट मोबाइल में पहले मिल सकती है सुविधा
इन चिपसेट्स की मदद से भारत की GPS सर्विस का इस्तेमाल यूजर्स अपने स्मार्टफोन में भारतीय उपमहाद्वीप में कर सकेंगे। उन्होंने कहा, शुरू में हम मिड-सेगमेंट मोबाइल फोन्स में अपना GPS देने का मन बना रहे हैं।' यह बताते हुए कि इसरो शाओमी के साथ अपनी पार्टनरशिप को लेकर आश्वस्त हैं, हालांकि अधिकारी की ओर से यह भी बताया गया कि अभी कुछ फाइनल नहीं हुआ है। 

इसरो ने बताया कि देश भर में ऐसी सर्विस 18 जगहों पर स्थापित की जा रही हैं। इसके साथ ही देश के दूर-दराज के इलाकों पर नाविक की मदद से नजर रखी जा सकेगी।

NaVIC ऐसे करेगा काम
बता दें, NaVIC नेविगेशन सिस्टम केवल भारत पर फोकस करता है और इसरो का कहना है कि GPS के मुकाबले यह ज्यादा सटीक जानकारी देगा। इसकी मदद से 5 मीटर तक की पोजीशन एक्युरेसी मिल सकेगी। GPS जहां केवल L बैंड पर काम करता है, NaVIC ड्यूल फ्रीक्वेंसी पावर्ड है। NaVIC के उपग्रह दो  L5 और S माइक्रोवेव फ्रीक्वेंसी बैंड पर सिग्नल देते हैं। 

इसरो का कहना है कि यह सिस्टम स्टैंडर्ड पोजीशनिंग सर्विस और रिस्ट्रिक्टेड सर्विस की सुविधा प्रदान करता है। नाविक की ‘स्टैंडर्ड पोजीशनिंग सर्विस’ सर्विस भारत में किसी भी क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति की स्थिति बता सकती है। यह S और L दोनों बैंड की मदद से काम करता है और इसलिए ज्यादा सटीक जानकारी दे सकता है। 

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