अजब गजब: करोड़ों का काम करने वाला शख्स बना रैपिडो ड्राइवर, शख्स ने बताई अपने ड्राइवर की कहानी, जानें क्या हुआ ऐसा?

करोड़ों का काम करने वाला शख्स बना रैपिडो ड्राइवर, शख्स ने बताई अपने ड्राइवर की कहानी, जानें क्या हुआ ऐसा?
शख्स ने अपने रैपिडो ड्राइवर से बात की और उसकी जिंदगी के बारे में सोशल मीडिया पर शेयर किया है। शख्स ने बताया है कि कैसे कोरोना के बाद रैपिडो ड्राइवर का जीवन बदल गया था।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर कई लोगों की कहानियां वायरल होती हुई नजर आती हैं। कुछ कहानियां तो ऐसी होती हैं जो बिल्कुल दिल में बस जाती हैं। इनमें से एक कहानी इन दिनों वायरल हो रही है। उस कहानी में एक शख्स ने अपने रैपिडो ड्राइवर के जीवन का स्ट्रगल बताया है। कि कैसे वो शख्स बहुत ही ज्यादा खुले मिजाज और ऐशोआराम वाला था। लेकिन फिर उसके साथ कुछ ऐसा हो गया कि उसको रैपिडो चलाना पड़ रहा था। तो चलिए जानते हैं कि आखिर रैपिडो चलाने के पीछे की कहानी क्या है।

क्या बताया शख्स ने?

चिराग नाम के शख्स ने अपने एक्स @0xChiraag पर एक पोस्ट शेयर किया है जिसमें उसने बताया है कि हर रोज की तरह ही रैपिडो बुक किया था और ड्राइवर से शुरुआत में बातचीत हो रही थी। इसके बाद बातचीत आगे बढ़ी जैसे घर कहां है, क्या पढ़ाई कर रहे हो, दिन कैसा चल रहा है। ऐसी बातें जो हमेशा छोटी दूरी की राइड में हो जाती हैं, लेकिन कुछ ही मिनटों बाद बातचीत ने ऐसा टर्न लिया कि दोनों के लिए ही राइड बहुत ज्यादा भावुक हो गई थी।

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क्या बताया ड्राइवर ने?

ड्राइवर ने बताया कि उसने अमिटी यूनिवर्सिटी से होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई की थी। उसके पिता भारतीय सेना में थे और परिवार का खुद का एक अच्छा-खासा बिजनेस भी था। उस दौर को याद करते हुए उसकी आवाज में सुकून था। उसने बताया कि तब जिंदगी बहुत आसान थी, फाइनेंशियल प्रॉबल्म्स नहीं थीं और भविष्य को लेकर उम्मीदें साफ दिखाई देती थीं। सब कुछ सामान्य और सुरक्षित लग रहा था फिर बातचीत कोरोना के समय तक पहुंची। ड्राइवर ने बताया कि COVID-19 महामारी ने उनके परिवार की पूरी दुनिया हिला दी। जिस बिजनेस को सालों में खड़ा किया गया था, वह कुछ ही महीनों में ठप हो गया। देखते-देखते 13 से 14 करोड़ रुपये का नुकसान हो गया। हालात ऐसे बन गए कि सब कुछ हाथ से निकलता चला गया। उम्मीद के सहारे उसने एक दोस्त के साथ स्टार्टअप शुरू किया, लेकिन वह भी सफल नहीं हो पाया और उसमें भी करीब 4 लाख रुपये का नुकसान हो गया।

मैं हार नहीं मानूंगा- ड्राइवर

ड्राइवर ने कहा कि जब सब खत्म हो गया, तब उसके पास सिर्फ और सिर्फ बाइक ही बची थी। उससे ही ड्राइवर ने रैपिडो चलाना शुरू कर दिया। इसके बाद भावुक होते हुए उसने बोला कि मैं थक गया हूं लेकिन टूटा नहीं हूं। मुझे भरोसा है भगवान पर इसलिए हारने से पहले एक और कोशिश और करूंगा।

Created On :   25 Dec 2025 6:42 PM IST

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