अजब गजब: ₹40 हजार की इंजीनियरिंग जॉब छोड़ी, अब Rapido चलाकर कमाने का दावा ₹1.2 लाख महीना

₹40 हजार की इंजीनियरिंग जॉब छोड़ी, अब Rapido चलाकर कमाने का दावा ₹1.2 लाख महीना
आमतौर पर युवाओं के लिए इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद अच्छी कंपनी में नौकरी करना बड़ी उपलब्धि माना जाता है। लेकिन झारखंड में एक महिला की रैपिडो ड्राइवर से हुई मुलाकात ने सफलता और कमाई को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। आमतौर पर युवाओं के लिए इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद अच्छी कंपनी में नौकरी करना बड़ी उपलब्धि माना जाता है। लेकिन झारखंड में एक महिला की रैपिडो ड्राइवर से हुई मुलाकात ने सफलता और कमाई को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट के मुताबिक, इस ड्राइवर ने ₹40 हजार महीने की इंजीनियरिंग की नौकरी छोड़कर बाइक टैक्सी चलाना शुरू कर दिया। उसका दावा है कि अब वह इससे हर महीने करीब ₹1 लाख से ₹1.2 लाख तक कमा लेता है।

₹198 के सफर में सामने आई इंजीनियर की कहानी

वायरल पोस्ट के अनुसार, झारखंड की एक महिला रैपिडो बाइक से सफर कर रही थी। इस राइड का किराया ₹198 था। इसी दौरान ड्राइवर ने महिला को अपनी जिंदगी से जुड़ी एक बात बताई।

उसने बताया कि वह पहले एक कंपनी में इंजीनियर के तौर पर काम करता था और उसे हर महीने ₹40 हजार की सैलरी मिलती थी। हालांकि, कुछ समय बाद उसने यह नौकरी छोड़ दी और रैपिडो चलाने का फैसला किया। ड्राइवर की यह बात सुनकर महिला हैरान रह गई।

रोज ₹4 हजार कमाने का दावा

महिला ने जब ड्राइवर से उसकी रोजाना की कमाई के बारे में पूछा, तो उसने बताया कि वह एक दिन में करीब ₹4 हजार तक कमा लेता है। इस हिसाब से महीने में 25 से 30 दिन काम करने पर उसकी कुल कमाई ₹1 लाख से ₹1.2 लाख के बीच हो सकती है।

हालांकि, यह रकम ड्राइवर की ओर से बताई गई कमाई पर आधारित है। इसमें पेट्रोल, बाइक की सर्विसिंग और दूसरे खर्च शामिल हैं या नहीं, इसकी जानकारी वायरल पोस्ट में नहीं दी गई है। इसलिए इसे उसकी शुद्ध मासिक कमाई मानना सही नहीं होगा।

परिवार के साथ रहने के लिए चुना दूसरा रास्ता

वायरल पोस्ट में ड्राइवर ने नौकरी छोड़ने की वजह भी बताई। उसके मुताबिक, ₹40 हजार की मासिक सैलरी में परिवार की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो रहा था। ऐसे में उसने कमाई बढ़ाने के लिए बाइक टैक्सी चलाने का विकल्प चुना।

इस फैसले से उसे अपने गृह नगर में रहकर काम करने और परिवार के साथ समय बिताने का मौका भी मिला। उसके लिए केवल नौकरी का पद या किसी बड़ी कंपनी से जुड़ना ही मायने नहीं रखता था, बल्कि परिवार की जरूरतें पूरी करना और उनके करीब रहना भी जरूरी था।

सोशल मीडिया पर छिड़ी सफलता को लेकर चर्चा

इस कहानी के सामने आने के बाद नौकरी, कमाई और सफलता के मायने को लेकर चर्चा हो रही है। आमतौर पर कॉर्पोरेट नौकरी को स्थिर करियर और बेहतर भविष्य से जोड़कर देखा जाता है। वहीं, इस कहानी ने लोगों का ध्यान इस बात की ओर खींचा है कि हर व्यक्ति के लिए सफलता की परिभाषा अलग हो सकती है।

हालांकि, किसी एक व्यक्ति की कमाई के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि बाइक टैक्सी चलाना हर किसी के लिए कॉर्पोरेट नौकरी से बेहतर विकल्प है। कमाई शहर, काम के घंटों, ग्राहकों की संख्या और ईंधन समेत दूसरे खर्चों पर निर्भर करती है। फिर भी, यह कहानी दिखाती है कि करियर चुनते समय लोग अपनी आर्थिक जरूरतों और पारिवारिक प्राथमिकताओं को भी महत्व देते हैं।

Created On :   22 Oct 2026 1:20 AM IST

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