अजब गजब: 6 साल के बच्चे की नजर ने खोज निकाला दुर्लभ जीवाश्म, 55 साल से नहीं मिला था ऐसा नमूना

6 साल के बच्चे की नजर ने खोज निकाला दुर्लभ जीवाश्म, 55 साल से नहीं मिला था ऐसा नमूना
बच्चों की जिज्ञासा कई बार ऐसी खोजों तक पहुंचा देती है, जिनकी बड़े-बड़े वैज्ञानिक भी उम्मीद नहीं करते। अमेरिका के नेब्रास्का में 6 साल के एक बच्चे ने ऐसा ही कमाल कर दिखाया है।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। बच्चों की जिज्ञासा कई बार ऐसी खोजों तक पहुंचा देती है, जिनकी बड़े-बड़े वैज्ञानिक भी उम्मीद नहीं करते। अमेरिका के नेब्रास्का में 6 साल के एक बच्चे ने ऐसा ही कमाल कर दिखाया है। पार्क में घूमते समय उसे एक दुर्लभ जीवाश्म मिला, जिसे वैज्ञानिक मैमथ की हड्डी के जीवाश्म से भी ज्यादा दुर्लभ बता रहे हैं। यह जीवाश्म करीब 20 करोड़ से 50 करोड़ साल पहले धरती पर रहने वाले एक समुद्री जीव का है।

यह घटना नेब्रास्का के श्राम पार्क स्टेट रिक्रिएशन एरिया (Schramm Park State Recreation Area) की है। यहां 6 साल का लियो यंगडाल अपने परिवार के साथ ‘रिफ्टिंग एंड रॉक्स’ कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचा था। लियो को पहले से ही जीवाश्म इकट्ठा करने का शौक है। पार्क में घूमते हुए उसकी नजर एक बड़े पत्थर पर पड़ी। उसने पत्थर को पलटकर देखा, तो उसके नीचे सांप की खाल जैसा अजीब निशान दिखाई दिया।

लियो को लगा कि यह कोई साधारण निशान नहीं है। वह तुरंत पत्थर लेकर पार्क की एजुकेशन स्पेशलिस्ट केली इक्यू के पास पहुंचा। जब विशेषज्ञों ने इसकी जांच की, तो पता चला कि यह एक बेहद दुर्लभ समुद्री जीव का जीवाश्म है।

20 से 50 करोड़ साल पुराना है जीवाश्म

आउटडोर नेब्रास्का के मुताबिक, जांच में पता चला कि यह जीवाश्म ‘कोनुलारिड’ (Conulariid) नाम के प्राचीन समुद्री जीव का है। ये जीव लगभग 20 करोड़ से 50 करोड़ साल पहले समुद्र में रहते थे। इनका शरीर जेलीफिश जैसा होता था और आकार उल्टे पिरामिड की तरह दिखाई देता था।

इन जीवों का शरीर मुलायम और नाजुक होता था। इसी वजह से इनके अवशेषों का जीवाश्म के रूप में सुरक्षित रह पाना बेहद मुश्किल होता है। यही कारण है कि वैज्ञानिक इस खोज को बहुत खास मान रहे हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, नेब्रास्का में पिछले 55 सालों में इस तरह का जीवाश्म नहीं मिला था। ऐसे में एक 6 साल के बच्चे को इसका मिलना वैज्ञानिकों के लिए भी हैरानी की बात है।

लियो की जिज्ञासा ने दिलाई खास पहचान

लियो ने पत्थर पर बने निशान को नजरअंदाज करने के बजाय उसे ध्यान से देखा और विशेषज्ञों को इसकी जानकारी दी। उसकी इसी जिज्ञासा के चलते करोड़ों साल पुराने समुद्री जीव के बारे में जानकारी सामने आई।

नियमों के अनुसार, लियो इस जीवाश्म को अपने घर नहीं ले जा सकता। हालांकि, उसे इस बात का दुख नहीं है। इस दुर्लभ जीवाश्म को श्राम एजुकेशन सेंटर में सुरक्षित रखा जाएगा। यहां आने वाले बच्चों और अन्य लोगों को इसके जरिए प्राचीन समुद्री जीवों और पृथ्वी के इतिहास के बारे में जानकारी दी जाएगी।

लियो की यह खोज बताती है कि किसी नई चीज को ध्यान से देखना और उसके बारे में सवाल पूछना कितना महत्वपूर्ण है। उसकी छोटी-सी जिज्ञासा ने वैज्ञानिकों को एक दुर्लभ जीवाश्म तक पहुंचा दिया।

Created On :   21 Oct 2026 12:20 AM IST

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