Plane Crash: कोझिकोड में भारी बारिश के कारण रनवे पर फिसला एयर इंडिया का विमान, दोनों पायलट सहित 17 की मौत, 123 घायल

Plane Crash: कोझिकोड में भारी बारिश के कारण रनवे पर फिसला एयर इंडिया का विमान, दोनों पायलट सहित 17 की मौत, 123 घायल

Bhaskar Hindi
Update: 2020-08-07 15:30 GMT
Plane Crash: कोझिकोड में भारी बारिश के कारण रनवे पर फिसला एयर इंडिया का विमान, दोनों पायलट सहित 17 की मौत, 123 घायल

डिजिटल डेस्क, काेझिकोड। केरल के काेझिकोड में शुक्रवार शाम दु​बई से वंदे भारत मिशन के तहत भारत आ रहा एयर इंडिया का बोइंग 737 विमान हादसे का शिकार हो गया। जानकारी के अनुसार दुबई-कोझिकोड एयर इंडिया की फ्लाइट (IX-1344) शुक्रवार शाम करीब 7:45 बजे करिपुर एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान भारी बारिश के कारण रनवे पर फिसल गई। हादसे में विमान के दोनों पायलेट्स सहित कुल 17 लोग इस दुर्घटना में मारे गए हैं। हादसे में जान गंवाने वाले पायलट का नाम विंग कमांडर दीपक वसंत साठे बताया जा रहा है। वे पहले एयरफोर्स में थे।

विमान में सवार सभी यात्रियों को बाहर निकाल लिया गया है। मलप्पुरम SP ने बताया कि हादसे में 123 यात्री घायल हुए हैं। इनमें से 15 लोगों की हालत गंभीर है। घायलों को कोझिकोड मेडिकल कॉलेज और अन्य नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। केंद्रीय मंत्री वी. मुरलीधरन के मुताबिक यह प्लेन दुबई से शाम के 4 बजकर 45 मिनट पर उड़ा था, जो कोझिकोड में लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया। प्लेन में सवार कुल 191 लोगों में 174 वयस्क यात्री, 10 नवजात, दो पायलट और पांच क्रू मेंबर शामिल थे। 

हादसे में विमान के दो टुकड़े हो गए और विमान का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। माना जा रहा है कि भारी बारिश के चलते यह विमान ‌फिसला होगा। सभी यात्री वंदे भारत मिशन योजना के तहत दुबई से भारत लौट रहे थे। डीजीसीए के आधिकारिक बयान में बताया गया कि कारीपुर एयरपोर्ट के रनवे नंबर 10 पर लैंड करने के बाद प्लेन फिसल गया और घाटी में गिरकर दो हिस्सों में बंट गया। लैंडिंग के वक्त विजिबिलिटी 2000 मीटर थी।

विमान हादसे में जान गंवाने वाले कैप्टन वसंत साठे एयरफोर्स से रिटायर हुए थे, मिग-21 भी उड़ा चुके थे
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि खराब मौसम की वजह से प्लेन ने लैंडिंग से पहले आसमान में चक्कर लगाए। यानी वह एक बार में ही रनवे पर नहीं उतरा। पायलट ने विमान को बचाने की पूरी कोशिश की। केंद्रीय मंत्री वी मुरलीधरन ने बताया कि पायलट ने दूसरी कोशिश में प्लेन को लैंड कराया, लेकिन लैंडिंग कामयाब नहीं रही। कोझीकोड विमान हादसे में एयर इंडिया एक्सप्रेस के पायलट कैप्टन दीपक वसंत साठे और को-पायलट अखिलेश कुमार ने भी जान गंवा दी। कैप्टन वसंत साठे देश के बेहतरीन पायलटों में से एक माने जाते थे। एयर इंडिया के पैसेंजर्स फ्लाइट उड़ाने से पहले कैप्टन वसंत साठे ने 22 साल एयरफोर्स में अपनी सेवाएं विंग कमांडर के रूप में दी है। इस दौरान उन्होंने मिग-21 जैसे लड़ाकू विमान भी उड़ाए। उन्हें सोर्ड ऑफ ऑनर से नवाजा गया था। कैप्टन साठे के भाई पाकिस्तान से युद्ध के दौरान कारगिल में शहीद हो गए थे। पिता सेना में ब्रिगेडियर पद से रिटायर हुए।

2003 में रिटायर हुए थे साठे
कैप्टन साठे ने 11 जून 1981 में एयरफोर्स ज्वाइन किया था। इसके बाद वह एयरफोर्स में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे। 30 जून 2003 को वह एयरफोर्स से रिटायर हो गए। इसके बाद उन्होंने एयरलाइन कंपनियों को अपने अनुभव से मदद करना शुरू कर दिया। वह एयर इंडिया एक्सप्रेस की बोइंग 737 फ्लाइट उड़ाने से पहले एयरबस 310 भी उड़ा चुके हैं। हिंदुस्तान एयरोनॉटिकल के वह टेस्ट पायलट भी रहे। उनकी शानदार परफॉरमेंस के चलते एयरफोर्स एकेडमी ने उन्हें सम्मानित भी किया था।

विमान हादसे से बहुत आहत हूं: PM मोदी
कोझिकोड में हुए विमान हादसे से बहुत आहत हूं। मेरे विचार उन लोगों के साथ हैं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया। प्रार्थना करता हूं कि घायल जल्द से जल्द ठीक हो जाएं। केरल CM से बात की। अधिकारी घटनास्थल पर हैं और सभी प्रकार की सहायता प्रदान कर रहे हैं।

फ्लाइट के दुर्घटनाग्रस्त होने से बेहद दुखी हूं: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
केरल के कोझिकोड में एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट के दुर्घटनाग्रस्त होने से बेहद दुखी हूं। केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से बात की और स्थिति की जानकारी ली। प्रभावित यात्रियों, चालक दल के सदस्यों और उनके परिवारों के लिए प्रार्थना करता हूं।

कोझीकोड में हुए हवाई हादसे में बहुत पीड़ित और व्यथित हूँ। दुबई से कोझीकोड की एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट संख्या AXB-1344, बारिश की स्थिति में रनवे पर स्किड कर गई। 2 टुकड़ों में टूटने से पहले एक ढ़लान में 35 फीट नीचे पहुंच गई: केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी

30 फीट गहरी खाई में जा गिरा प्लेन
माना जा रहा है कि भारी बारिश के चलते यह विमान ‌फिसला होगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शाम 7.38 बजे यह फ्लाइट एयरपोर्ट पर लैंड कर रही थी और इस दौरान भारी बारिश हो रही थी। टचडाउन करते ही विमान रनवे पर फिसल गया और 30 फीट गहरी खाई में जा गिरा। बताया जा रहा है कि 40 लोग हादसे में घायल हुए हैं।

 

 

PM नरेंद्र मोदी ने केरल के CM पिनाराई विजयन से करिपुर विमान दुर्घटना के बारे में फोन पर बात की। केरल CM ने PM को बताया कि कोझीकोड और मलप्पुरम जिला कलेक्टरों और IG अशोक यादव सहित अधिकारियों की एक टीम हवाई अड्डे पर पहुंची है और बचाव अभियान में भाग ले रही है : केरल CMO

 

मंत्री ए.सी. मोइदीन कोझिकोड अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बचाव प्रयासों का नेतृत्व करेंगे। एयर इंडिया एक्सप्रेस फ्लाइट के दुर्घटना स्थल पर पुलिस और अग्निशमन बल के जवानों को तैनात किया गया है : केरल CM पिनाराई विजयन

 

केरल के कोझीकोड में एयर इंडिया एक्सप्रेस विमान दुर्घटना की जानकारी बेहद दुखद है। मैंने NDRF को जल्द से जल्द घटनास्थल पर पहुंचने और बचाव कार्यों में सहायता करने का निर्देश दिया है : गृह मंत्री अमित शाह

 

कोझीकोड में एयर इंडिया एक्सप्रेस त्रासदी के बारे में सुनकर बेहद दुख हुआ। शोक संतप्त परिवारों और घायल लोगों के लिए प्रार्थना करते हैं। हम आगे के विवरणों का पता लगा रहे हैं : विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर

जारी हुए हेल्पलाइन नंबर
दुबई में भारतीय दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिए हैं। साथ ही कहा है कि जानकारी मिलते ही साझा की जाएगी। ये हेल्पलाइन नंबर हैं- 056 546 3903, 0543090572, 0543090572, 0543090575, इन नंबरों पर फोन करके प्लेन में सवार यात्रियों के संबंध में जानकारी ली जा सकती है। कोझिकोड कारीपुर एयरपोर्ट पर राहत और बचाव कार्य के लिए कम से कम 15 ऐंबुलेंस को लगाया गया है।

जहां हादसा हुआ, वह एयरपोर्ट कैसा है?
कारीपुर एक टेबल टॉप एयरपोर्ट है। टेबल टॉप यानी ऐसा एयरपोर्ट, जो पहाड़ी इलाके में बना है और जहां रनवे का एक सिरा या दोनों सिरे ढलान पर होते हैं। ऐसे एयरपोर्ट पर खराब मौसम के दौरान हादसे का खतरा रहता है। ऐसे एयरपोर्ट पर जब बारिश के दौरान लैंडिंग होती है तो रनवे पर जमा पानी और पहले लैंड हो चुके विमानों के टायर के रबर डिपॉजिट्स की वजह से प्लेन के रनवे से फिसल जाने का खतरा रहता है। इसे एक्वाप्लेनिंग भी कहते हैं।

2010 में हुई थी 158 लोगों की मौत
साल 2010 में भी मैंगलुरु एयरपोर्ट पर इसी तरह के एक हादसे में 158 लोगों की मौत हो गई थी। उस घटना के बाद भी एक्सपर्ट्स ने सलाह दी थी कि कारीपुर और लेंगपुई (मिजोरम) एयरपोर्ट के जैसे टेबलटॉप रनवे पर प्लेन की लैंडिंग के लिए खास प्रशिक्षण की जरूरत है। यहां टेबलटॉप रनवे का मतलब है कि ये रनवे ऊंचाई पर स्थित हैं, जिनके आसपास गहरी खाई है।

Tags:    

Similar News