पारा 44 डिग्री पर पहुंचते ही मतदान केन्द्रों में छा गया सन्नाटा

पारा 44 डिग्री पर पहुंचते ही मतदान केन्द्रों में छा गया सन्नाटा

Bhaskar Hindi
Update: 2019-04-29 09:45 GMT
पारा 44 डिग्री पर पहुंचते ही मतदान केन्द्रों में छा गया सन्नाटा

डिजिटल डेस्क, जबलपुर । दोपहर 1:00 बजे जैसे ही मध्यान के सूरज ने आग उगलना शुरू किया मतदान केंद्रों में कतार घटने लगी। घंटे भर बाद ही कुछ केंद्रों में सन्नाटा छा गया। अब तक तापमान 44 डिग्री पर पहुंच चुका था । कुछ केन्द्रों में इक्का-दुक्का लोग ही आते-जाते दिखाई दिए । 2:00 बजे तक महाकौशल सहित प्रदेश की 6 सीटों में लगभग 48 प्रतिशत मतदान हुआ। 

दोपहर 01 बजे मतदान प्रतिशत

  • पाटन- 30.32
  • बरगी- 32.01
  • जबलपुर पूर्व- 25.72
  • जबलपुर पश्चिम- 28.05
  • जबलपुर उत्तर मध्य- 27.46
  • केंट- 27.60
  • पनागर- 31.66
  • सिहोरा- 32.08

मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच
छह सीटों पर मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है। 2014 में सीधी, शहडोल, जबलपुर, मंडला, बालाघाट सीट भाजपा ने जीती थीं। वहीं, अकेली छिंदवाड़ा सीट कांग्रेस ने जीती थी। इन छह सीटों पर कुल 108 प्रत्याशी मैदान में हैं। सीधी में 26, शहडोल में 13, जबलपुर में 22, मंडला में 10, बालाघाट में 23 और छिंदवाड़ा में 14 उम्मीदवार हैं। छिंदवाड़ा विधानसभा उप-चुनाव में नौ उम्मीदवार मैदान में हैं।

शाम छ: बजे तक होगा मतदान
संसदीय क्षेत्रों में मतदान का समय सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक रहेगा। इन संसदीय क्षेत्रों में 28,959 बैलेट यूनिट, 18,486 कंट्रोलयूनिट और 19,254 वीवीपैट का उपयोग किया जाएगा। तीन संसदीय क्षेत्रों बालाघाट, सीधी और जबलपुर में 16 से अधिक और 32 से कम उम्मीदवार होने के चलते प्रत्येक बूथ पर दो-दो बैलेट यूनिट लगाई जाएंगी।

कहां किसके बीच मुकाबला
जबलपुर में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह की प्रतिष्ठा दाव पर है। उनका मुकाबला कांग्रेस के विवेक कृष्ण तन्खा से हैं। 2014 का चुनाव विवेक तन्खा राकेश सिंह से हार गए थे। सीधी में भाजपा ने मौजूदा सांसद रीति पाठक को ही दोबारा टिकट दिया। कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के बेटे अजय सिंह को उतारा है। शहडोल में भाजपा के मौजूदा सांसद ज्ञानसिंह टिकट कटने से खफा हैं।उन्होंने निर्दलीय उतरकर भाजपा को चुनौती दे दी। कांग्रेस और भाजपा दोनों ने दल बदलकर आए नेताओं को टिकट दिया। यानि, भाजपा की उम्मीदवार हिमाद्री यहां से पिछला लोकसभा उपचुनाव बतौर कांग्रेस उम्मीदवार लड़ चुकी हैं। वहीं कांग्रेस ने जिन पूर्व विधायक प्रमिला सिंह को उम्मीदवार बनाया है उन्होंने भाजपा छोड़ कांग्रेस का दामन थामा है। मंडला में भाजपा ने मौजूदा सांसद फग्गनसिंह कुलस्ते पर फिर से भरोसा जताया है। कांग्रेस ने कमल मरावी को उतारा है। कुलस्ते क्षेत्र के बड़े नेता हैं, परंतु आदिवासी गौंगपा (गौंडवाणा गणतंत्र पार्टी) का यहां दबदबा रहता है और कांग्रेस ने उसी पार्टी के मरावी को कांग्रेस में शामिल कर भाजपा को चुनौती दी। बालाघाट सीट पर इस बार भाजपा के लिए कठिन साबित हो सकती है। भाजपा ने वर्तमान सांसद बोध सिंह भगत का टिकट काटकर ढाल सिंह बिसेन को प्रत्याशी बनाया। ऐसे में वहां पर जमकर विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं। आखिर में बोध सिंह भगत ने निर्दलीय नामांकन दाखिल कर दिया और पार्टी ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया। वहीं, कांग्रेस ने मधु सिंह भगत को टिकट दिया।छिंदवाड़ा सीट पर कमलनाथ की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए उनके पुत्र नकुलनाथ चुनाव लड़ रहे हैं। उनका मुकाबला भाजपा उम्मीदवार नत्थन शाह कवरेती से है।

 

Tags:    

Similar News