बिहार में नीतीश सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार, भाजपा से 9, जदयू से 8 मंत्री बने, शाहनवाज हुसैन ने उर्दू में ली शपथ 

बिहार में नीतीश सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार, भाजपा से 9, जदयू से 8 मंत्री बने, शाहनवाज हुसैन ने उर्दू में ली शपथ 

Bhaskar Hindi
Update: 2021-02-09 09:06 GMT
बिहार में नीतीश सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार, भाजपा से 9, जदयू से 8 मंत्री बने, शाहनवाज हुसैन ने उर्दू में ली शपथ 

डिजिटल डेस्क ( भोपाल)।  बिहार में 17 मंत्रियों के शपथ के शपथ लेते ही नीतीश मंत्रिमंडल का मंगलवार को विस्तार हो गया। इसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नौ तथा उसकी सहयोगी पार्टी जनता दल (युनाइटेड) के आठ लोगों के शामिल है। पिछले साल नवंबर में बिहार में फिर से मुख्यमंत्री पद संभालने वाले नीतीश कुमार मंत्रिमंडल का यह पहला विस्तार है। मंत्रिमंडल को लेकर भाजपा और जदयू में बहुत दिनों तक पेंच फंसा रहा, अंत में सोमवार की शाम दोनों दलों में सहमति बन गई।

बिहार के राज्यपाल फागू चौहान ने दोपहर 12.30 बजे नए मंत्रियों को शपथ दिलाई। भाजपा ने इस मंत्रिमंडल में जहां युवाओं को मौका दिया है वहीं जदयू ने मंत्रिमंडल में अनुभवी और युवाओं दोनों को तरजीह दी है। 

नीतीश मंत्रिमंडल में भाजपा कोटे से 9 और जदयू कोटे से 8 विधायक मंत्री हैं। भाजपा में मुस्लिम चेहरे और हाल ही में विधान पार्षद बने शाहनवाज हुसैन का नाम भी नीतीश के नए मंत्रियों की सूची में शामिल है।  उन्होंने उर्दू में शपथ ली। इसके अलावा भाजपा की ओर से सम्राट चौधरी, सुभाष सिंह, आलोक रंजन, प्रमोद कुमार, जनकराम, नारायण प्रसाद, नितिन नवीन, नीरज सिंह बबलू मंत्री बनाए iS हैं।

इधर, शाहनवाज हुसैन ने मंत्री बनने के बाद पार्टी के अध्यक्ष जेपी नड्डा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि पार्टी जो भी जिम्मेदारी दी है उसे वे निभाएंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी ने बिहार के लोगों को खिदमत करने का मौका दिया है, वे अपनी क्षमता के मुताबिक यह काम करेंगे।

इधर, जदयू की ओर से पूर्व मंत्री श्रवण कुमार एक बार फिर मंत्री बनाए गए हैं। इसके अलावा लेसी सिंह, संजय झा, मदन सहनी पर जदयू ने एकबार फिर विश्वास जताया है। इसके अलावा बहुजन समाज पार्टी से जदयू में आए जमा खान, निर्दलीय सुमित कुमार सिंह, जयंत राज और सुनील कुमार मंत्री के रूप में शपथ ली हैं।

नीतीश कुमार ने 14 मंत्रियों के साथ पिछले वर्ष 16 नवंबर को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। बाद में हालांकि मेवालाल चौधरी को इस्तीफा देना पड़ा था। इसके बाद से ही मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अटकलबाजी चल रही थी। भाजपा और जदयू में इसको लेकर खींचतान भी खूब चली। विपक्ष भी इसे लेकर सत्ता पक्ष पर जमकर निशाना साध रहा है।

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