घायल मालिक को बचाने बाघ से भिड़ गया कुत्ता, कान्हा के बफर जोन घुघरा वॉटर फॉल की घटना

घायल मालिक को बचाने बाघ से भिड़ गया कुत्ता, कान्हा के बफर जोन घुघरा वॉटर फॉल की घटना

Bhaskar Hindi
Update: 2019-03-28 10:58 GMT
घायल मालिक को बचाने बाघ से भिड़ गया कुत्ता, कान्हा के बफर जोन घुघरा वॉटर फॉल की घटना

डिजिटल डेस्क,मंडला/टाटरी। इंसान वफादार हो ना हो पर जानवर जरूर वफादार होता है। जानवरों में कुत्ते को सबसे वफादार जानवर माना गया है। आज के समय में अगर कभी इंसान के प्रति सबसे वफादार जानवर की बात कभी होती है तो कहतें हैं कुत्ता सबसे वफादार होता है। मामला मध्य प्रदेश के मंडला जिले अंतर्गत कान्हा नेशनल पार्क से लगे घुघरा वॉटर फॉल का है, जहां एक चरवाहा मवेशियों को खोजने के लिए जंगल गया था, तभी बाघ ने उसपर हमला कर घायल कर दिया। अपने मालिक की आवाज सुनकर उसका कुत्ता मौके पर पहुंचा और बाघ को भौंक-भौंककर भगा दिया।
उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती है घायल-
कान्हा नेशनल पार्क  से लगे घुघरा वॉटर फॉल आरएफ 376 क्षेत्र में मवेशीयों को खोजने गए चरवाहा पर बाघ ने हमला कर लहुलुहान कर दिया। चरवाहा की बचाओ की आवाज सुनकर घटना के दौरान जंगल में ही मौजूद उसकी पत्नि और पालतू कुत्ते नजदीक गए। यहां कुत्ते के भौंकने से बाघ को उल्टे पैर लौट गया, जिससे चरवाहा की जान बच पाई। घटना की जानकारी वन विभाग को दी गई। चरवाहा को उपचार के लिए बम्हनी अस्पताल लाया गया है, जहां उसका इलाज किया जा रहा है।
सिर पर किया हमला-
बताया गया है कि केटीआर के बफर जोन में बसे गांव झांगुल के अत्तर सिंह वल्के की दो मवेशी पिछले दो दिनों से घर नहीं आये थे।  जिसकी जानकारी अत्तर सिंह ने चरवाहा कुंजीलाल यादव पिता चमरा लाल 45 वर्ष को बताई। सुबह करीब 9.30 बजे कुंजीलाल अपनी पत्नि फूलवती बाई, पालतू कुत्ते को लेकर जंगल में अलग अलग हिस्से में मवेशीयों को खोजने लगे। आरएफ 376 घुघरा वॉटर फॉल के नजदीक कुंजीलाल का सामना दो बाघ से हो गया है। बाघ गुम हुई मवेशीयों को मारकर भक्षण करते दिखे। जिसे देखकर चरवाहा के हाथ पांव फूल गए। इसी दौरान एक बाघ ने चरवाहा पर छलांग लगाकर सिर में पंजा मार  घायल कर दिया।
जंगल के राजा से लड़ गया कुत्ता-
एकाएक हमले से संभले चरवाहा ने शोर मचाना शुरू कर दिया और जान बचाने दौड़ लगा दी। वही दूसरी ओर से मदद की आवाज सुनकर जंगल में कुत्ते के साथ पत्नी मौके पर पहुंच गई। अपने मलिक को बचाने के लिए बफादार कुत्ते ने बाघ का सामना किया और भौंकना शुरू कर दिया गया। जिसके कारण बाघ उल्टे पैर लौट गया और चरवाहा की जान बच पाई। गांव  पहुंचकर घटना की जानकारी बीट गार्ड को दी गई। परिक्षेत्र अधिकारियों ने घायल को बम्हनी अस्पताल पहुंचाया गया। वन सरंक्षण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर मौके एक हजार रूपए सहायता राशि दी गई।

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