कोरोना हो भी जाए तो घबराने की जरुरत नहीं, इंदौर में 98 साल की महिला ने घर में रहकर दी कोरोना को मात

कोरोना हो भी जाए तो घबराने की जरुरत नहीं, इंदौर में 98 साल की महिला ने घर में रहकर दी कोरोना को मात

Bhaskar Hindi
Update: 2021-05-12 12:31 GMT
कोरोना हो भी जाए तो घबराने की जरुरत नहीं, इंदौर में 98 साल की महिला ने घर में रहकर दी कोरोना को मात

डिजिटल डेस्क, इंदौर। अगर कोरोना हो भी जाए तो घबराने की जरुरत नहीं है। सकारात्मक नजरिया बनाए रखें और खुद को आइसोलेट कर लें। दवाएं समय से लें तो कोरोना को घर पर रहकर भी हराया जा सकता है। यह साबित कर दिया है इंदौर की 98 साल की कलावती मिश्रा ने जिन्हें लोग प्यार से जीजी कहते है।

इंदौर के साउथ राज मोहल्ला में रहने वाले मिश्रा परिवार की मुखिया है कलावती मिश्रा। जीवटता की मिसाल 98 साल की जीजी ना सिर्फ परिवार बल्कि पूरे मोहल्ले की चहेती हैं। कोरोना ने उन्हें भी अपनी चपेट में ले लिया था, परिजनों ने जांच करवाई तो जीजी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। परिजनों का कहना है कि रिपोर्ट भले पॉजिटिव आई थी मगर जीजी का मिजाज तो हमेशा से पॉजिटिव रहा। 

उन्होंने अस्पताल जाने से साफ इनकार कर दिया और डॉक्टर की सलाह से निर्धारित सभी दवाइयां समय पर खाती रही। घर के एक कमरे में आइसोलेट होकर हिम्मत के साथ उन्होंने कोरोना से जंग लड़ी। जीजी के पुत्र प्रेमकांत मिश्रा ने सारी सुविधाएं जुटाईं। जीजी की जीवटता से कोराना परास्त हुआ। नौ दिन में उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आ गई।

वीडियो कॉल पर जीजी नाती, पोते, पड़पोते और पड़पोती तक से रोज बतियाती। आइसोलेशन के नौ दिन इसी प्यार और उत्साह में बीत गए। जीजी ने अपने हौसले से वायरस को परास्त कर उन लोगों को राह दिखाई है जो पॉजिटिव होने के बाद हिम्मत हार जाते है। उन्होंने यह बताया कि बीमारी चाहे कितनी बड़ी हो हमारी हिम्मत और मन की ताकत से बड़ी नहीं हो सकती। सकारात्मक उर्जा के साथ मुकाबला करे तो हर जंग जीती जा सकती है।
 

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