लोक जनशक्ति में रार: पशुपति कुमार पारस ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा- मैंने पार्टी तोड़ी नहीं है, पार्टी को बचाया है

लोक जनशक्ति में रार: पशुपति कुमार पारस ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा- मैंने पार्टी तोड़ी नहीं है, पार्टी को बचाया है

Bhaskar Hindi
Update: 2021-06-14 05:25 GMT
लोक जनशक्ति में रार: पशुपति कुमार पारस ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा- मैंने पार्टी तोड़ी नहीं है, पार्टी को बचाया है

डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार में चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी में बड़ी फूट की खबर सामने आ रही है। पार्टी के 6 सांसदों में से 5 ने चिराग के खिलाफ बगावती तेवर अख्तियार कर लिए हैं। जानकारी के मुताबिक पांचों सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर सदन में अलग दल के रुप में मान्यता देने का आग्रह किया है।

इस सियासी हलचल के बीच हाजीपुर लोकसभा सीट से सांसद और चिराग पासवान के चाचा पशुपति कुमार पारस ने आज (सोमवार) प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा, हमारी पार्टी में 6 सांसद हैं। हमारी पार्टी को बचाने के लिए 5 सांसदों की इच्छा थी। इसलिए, मैंने पार्टी को नहीं तोड़ा है, मैंने इसे बचाया है। चिराग पासवान मेरे भतीजे होने के साथ-साथ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। मुझे उसके खिलाफ कोई आपत्ति नहीं है।

पशुपति पारस ने कहा कि हमारे भाई चले गए, हम अकेले महसूस कर रहे हैं।  पार्टी की बागडोर जिनके हाथ में गई, तब सभी लोगों की इच्छा थी 2014 में और इस बार भी हम एनडीए के साथ बने रहें। लोक जनशक्ति पार्टी बिखर रही थी, असमाजिक तत्व आ रहे थे, एनडीए से गठबंधन को तोड़ दिया और कार्यकर्ताओं की नहीं सुनी गई।

पशुपति पारस ने कहा, हम NDA के साथ रहना चाहते हैं। हमारी पार्टी के पांच सांसदों की इच्छा थी कि पार्टी को बचाना जरूरी है। मैंने पार्टी तोड़ी नहीं है, पार्टी को बचाया है। जबतक मैं जिंदा हूं, पार्टी को जिंदा रखेंगे। मुझे चिराग पासवान से कोई दिक्कत नहीं है, अभी भी ओरिजनल पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी ही है। पशुपति पारस ने कहा, चिराग को पार्टी से निकाला नहीं है, वे पार्टी में बने हुए हैं और उनके जो अच्छे विचार या सुझाव होंगे, उन्‍हें मान लेंगे। कहा कि अब वे पार्टी का नेतृत्व सभी नेताओं एवं सांसदों की सर्वसम्मति से करेंगे, जो अब तक नहीं हो रहा था। 

LJP के पारस का JDU से संपर्क 
बिहार की इस सियासी हलचल के बीच खबर है कि चिराग पासवान के चाचा पशुपति पारस जेडीयू के संपर्क में हैं। पारस के नेतृत्व में LJP के 4 और सांसद पार्टी से अलग होने की तैयारी में हैं। पुशपति और सीएम नीतीश कुमार के संबंध हमेशा से अच्छे रहे हैं। 

 

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