नागपुर एटीएस ने आतंकी को घटनास्थल पर ले जाकर करवाया डेमोंस्ट्रेशन

संघ बिल्डिंग व डॉ. हेडगेवार स्मृति भवन की रेकी का मामला नागपुर एटीएस ने आतंकी को घटनास्थल पर ले जाकर करवाया डेमोंस्ट्रेशन

Anita Peddulwar
Update: 2022-05-19 05:28 GMT
नागपुर एटीएस ने आतंकी को घटनास्थल पर ले जाकर करवाया डेमोंस्ट्रेशन

डिजिटल डेस्क, नागपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की बिल्डिंग व डॉ. हेडगेवार स्मृति भवन की रेकी करने वाले जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी को नागपुर एटीएस ने दोनों जगहों पर ले जाकर उसके साथ पुनर्प्रदर्शन (डेमोंस्ट्रेशन) कराया। इस दौरान उससे यह जाना गया कि वह किस तरीके से दोनों जगहों की रेकी की थी। इसके साथ ही आतंकी को उस होटल में भी ले जाया गया, जहां पर वह ठहरा हुआ था। आतंकी का नाम रईस अहमद शेख असदउल्ला  शेख (26) खाटी अवंतीपोरा पुलवामा  निवासी है। मंगलवार को आतंकी को एटीएस ने न्यायालय में पेश किया, जहां से  उसे सेंट्रल जेल भेज दिया गया।  इस आतंकी को गत 13 मई को नागपुर एटीएस ने कश्मीर की जेल से प्रॉडक्शन वारंट पर लाया था। 

15 जुलाई 2021 को आया था नागपुर : नागपुर एटीएस के एक अधिकारी ने बताया कि रईस अहमद से जो जानकारियां हासिल करनी थीं, वह ली जा चुकी है।  वह पूछताछ में  ओमर का जिक्र कर रहा था। वह नागपुर 15 जुलाई 2021 को विमान से आया था और दोनों स्थानों की रेकी करने के बाद वापस कश्मीर चला गया था। जनवरी 2022 को उसे कश्मीर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। कश्मीर पुलिस को पूछताछ में उसने नागपुर में संघ बिल्डिंग व डॉ. हेडगेवार स्मृति भवन की रेकी करने की जानकारी ती थी।  मामले में नागपुर की अपराध शाखा पुलिस की टीम  कश्मीर जाकर जांच-पड़ताल की थी। कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया गया था। पश्चात नागपुर एटीएस ने उसे कश्मीर से प्रॉडक्शन वारंट पर 5 दिन पहले नागपुर लाई थी।  

ऐसे पहुंचा नागपुर : रईस शेख ने पूछताछ में बताया कि वह नागपुर में आने के बाद उक्त स्थानों की रेकी कर कश्मीर लौट गया था। उसके नागपुर आने पर किसी को संदेह न हो, इसलिए उसने श्रीनगर से दिल्ली, दिल्ली से मुंबई और मंुबई से नागपुर विमान से आया था। वह ऑटोरिक्शा से दोनों जगहों पर गया था। रईस शेख को कश्मीर एटीएस ने हैंड ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार किया था। जब कश्मीर पुलिस को पूछताछ में पता चला कि वह नागपुर आया था, तब नागपुर एटीएस को सूचना दी गई थी।

बिचौलिए का हो गया एनकाउंटर : रईस शेख पाकिस्तान में बैठे कितने लोगों के संपर्क में था, इस बारे में उसका कहना है कि वह किसी को पहचानता नहीं है। हर किसी का काम बांट दिया जाता है। उन्हें एक-दूसरे का नाम तक मालूम नहीं रहता है। रईस को आदेश देनेवाला आतंकी पुलिस एनकाउंटर में मारा जा चुका है। उसकी मौत के बाद रईस को आगे की जानकारी मिलनी बंद हो गई थी।

ओमर को भेजा था रेकी का वीडियो : सूत्रों ने बताया कि रइस ने रेकी का वीडियो पीओके में बैठे जैश के हैंडलर ओमर को भेजा था।  रइस के मोबाइल की फारेंसिक जांच कराकर उसके मोबाइल से सबूत जुटाने का प्रयास की जा रही है। जांच में क्या सामने आया है यह गोपनीय रखा गया है। रईस के मोबाइल से एटीएस को अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। रेकी करने के बाद उसने किस-किस से चर्चा की, वाट्सएप पर कितने लोगों के संपर्क में था। चैट डिलीट कर दी थी, वाट्सएप और मोबाइल का डाटा रिकवर करने का प्रयास किया जा रहा है। 
 

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