लकड़ी काटने की मशीन से किए गए शव के टुकड़े, लापता महिला पुलिस अश्विनी की हुई हत्या

लकड़ी काटने की मशीन से किए गए शव के टुकड़े, लापता महिला पुलिस अश्विनी की हुई हत्या

Bhaskar Hindi
Update: 2018-03-01 19:09 GMT
लकड़ी काटने की मशीन से किए गए शव के टुकड़े, लापता महिला पुलिस अश्विनी की हुई हत्या

डिजिटल डेस्क, मुंबई। करीब दो साल पहले रहस्यमई ढंग से गायब हुई लेडी अफसर अश्विनी बेंद्रे की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। बताया जा रहा है कि अश्विनी जब ऑफिस से घर जा रही थी उसी वक्त उनकी हत्या कर दी गई। बाद में लकड़ी काटने की मशीन से शव के टुकड़े-टुकड़े कर वसई की खाई में फेंक दिया गया। मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इस मामले में चौथे आरोपी महेश पलणीकर को सोमवार को गिरफ्तार किया था।

पुलिस ने बताया कि सीनियर इंस्पेक्टर अभय कुरुंदकर के इशारे पर अश्विनी की हत्या की गई है। आरोपियों ने अश्विनी का शव लकड़ी काटने की मशीन में डालकर उसके टुकड़े-टुकड़े किये और फिर बोरी में भरकर वसई की खाई में फेंक दिया। मामले का मुख्य आरोपी अभय कुरुंदकर मुंबई पुलिस में सीनियर इंस्पेक्टर भी है। उसने अपने ड्राइवर कुंदन भंडारी, राजू पाटिल और अपने बचपन के दोस्त महेश फलनिकर के साथ मिलकर पूरी घटना को अंजाम दिया। क्राइम ब्रांच ने चारों को गिरफ्तार कर लिया है।

हत्या और सबूत नष्ट करने के आरोप में एफआईआर
गिरफ्तार चारों आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने हत्या और सबूत नष्ट करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। आरोपियों ने 11 अप्रैल 2016 को अश्विनी की हत्या कर उनका शव ठिकाने लगा दिया था। उस दिन ऑफिस से निकलने से पहले अश्विनी ने पुलिस ऑफिसर अभय कुरंदकर से फोन पर बात की। इसके बाद वह मानवाधिकार ऑफिस से निकली और शाम को 6 बजकर 41 मिनट पर ट्रेन से ठाणे पहुंची। यहां वह अभय से मिली। इसके बाद अभय की वोक्सवैगन कार में बैठकर दोनों भायंदर के लिए रवाना हो गए। इसके बाद दोनों ने भायंदर के एक होटल में गए जहां दोनों रात 11 बजकर 18 मिनट तक साथ रहे।

इसके बाद अचानक ही अश्विनी का फोन बंद हुआ और वह लापता हो गई। जिस लकड़ी काटने की मशीन से अश्विनी का शव काटा गया था उसे पुलिस ने बरामद कर लिया है। मशीन को पलणीकर के घर से बरामद किया गया है।पलणीकर और कुरुंदकर बचपन के दोस्त हैं। कुरुंदकर और पाटील को पुलिस ने दिसंबर में गिरफ्तार किया था जबकि पलणीकर की गिरफ्तारी सोमवार को हुई।

क्या है मामला
मूल रूप से कोल्हापुर की रहने वाली अश्विनी पिछले साल फरवरी महीने से लापता हैं। उनकी पोस्टिंग नई मुंबई के कलंबोली पुलिस स्टेशन में हुई थी।  गुमशुदगी के बाद नई मुंबई पुलिस ने छानबीन शुरू की तो पता चला कि उनके इंस्पेक्टर कुरंदकर के नजदीकी संबंध थे। दोनों शादीशुदा थे लेकिन अश्विनी कुरुंदकर पर शादी के लिए दबाव बना रहीं थीं। पुलिस को शक है कि इसी वजह से अश्विनी की हत्या कर उनका शव खाड़ी में फेंक दिया गया।

 

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