हर माह चोरी हो रहा कई करोड़ का कोयला, अधिकारियों की मिलीभगत

हर माह चोरी हो रहा कई करोड़ का कोयला, अधिकारियों की मिलीभगत

Bhaskar Hindi
Update: 2019-04-22 08:23 GMT
हर माह चोरी हो रहा कई करोड़ का कोयला, अधिकारियों की मिलीभगत

 डिजिटल डेस्क,उमरिया। नौरोजाबाद का क्षेत्र एक बार फिर कोयला चोरों का गढ़ बनकर उभर रहा है। माफिया की जड़े इतनी गहरी पैठ बना चुकी हैं कि दिन दिहाड़े कोयला लोड रैक में लूट मचती है । गरीब मजदूर व नाबालिकों को ढाल बनाकर रैक के दरवाजे तोड़कर सैकड़ों टन माल एक से अधिक ठिकानों पर डंप करा लिया जाता है। फिर इसे सुरक्षित स्थान पर संग्रहित कर एक नंबर बनाकर कटनी, सतना और मैहर के लिए सप्लाई कर दिया जाता है । अवैध कारोबार से जुड़े सूत्र बताते हैं कि एक वाहन में सवा लाख प्रति ट्रिप तथा माह में ढाई से तीन करोड़ रुपए रेलवे और कॉलरी प्रबंधन को चपत लगाकर माफिया चांदी पीट रहे हैं।

रविवार को नौरोजाबाद रेलवे स्टेशन के लिए पांच नंबर कोयला साइडिंग से एक रैक माल रवाना हुआ। कांटा कर इसे बकायदा पावर प्लांट व दूसरे प्रदेश में भेजा जाता है। स्टेशन के पहले वीरान स्थलों में साइडिंग का ट्रैक गुजरता है। यहीं मौका पाकर माफिया स्थानीय मजदूर व नाबालिगों  को कोयला चोरी करने में झोंक देते हैं। ये लोग धीरे-धीरे चलती रेलगाड़ी का पहले गैस पाइप निकालते हैं। फिर मालगाड़ी के पहिया थमते ही ऊपर से लेकर दरवाजे तोड़कर प्रतिदिन 50-110 ट्रक माल एक से अधिक ठिकानों पर डंप कर लेते है।

सब कुछ फिक्स
अवैध कारोबार से जुड़े सूत्र बताते हैं इस माल को यहां डंप करने के पहले कॉलरी के कांटा बाबू से लेकर स्थानीय पुलिस, आरपीएफ व कॉलरी के अन्य अधिकारियों को इसकी भनक रहती है। सभी का अपना-अपना हिस्सा बंधा रहता है। यही कारण है कि जब कभी अचानक किसी टीम की छापेमारी होती है तो उनके आने से पहले ही इन्हें उसकी भनक लग जाती है और सभी लोग सुरक्षित स्थान पर ठोह ले लेते हैं। फिर लाइन क्लियर होने के बाद ठेकेदार के गुर्गे डंप किए गए माल को छांटकर सुरक्षित स्थान में छिपाते हैं। रातों-रात यह माल ट्रकों में लोड होता है। फिर रात के अंधेरे में कोयले की क्वालिटी के आधार पर कटनी के कारोबारियों तक इसे पहुंचा दिया जाता है। एक ट्रक में औसतन आकार के आधार पर 30-40 टन माल लोड होता है। 3-5 हजार रुपए प्रति टन के हिसाब से चोर बाजार में इसकी कीमत सवा लाख तक मिल जाती है।

कई बार पकड़े चुके हैं संदिग्ध वाहन
इस अवैध कारोबार में उमरिया के साथ पड़ोसी जिले शहडोल के रसूखदार लोगों के नाम शामिल हैं।  इनके नेटवर्क  का आंकलन इसी बात से लगाया जा सकता है कि अभी तक तीन बार पुलिस ने इन्हें पकड़ा। वर्तमान एसपी ने पुलिस लाईन समीप, पूर्व एसपी द्वारा पकड़े जाने पर कंट्रोल रूम में बवाल हो गया था। इसके पूर्व चंदिया के तत्कालीन टीआई अश्लम ने वाहन को पकड़कर इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश किया। जांच में बड़े-बड़े सफेदपोश लोगों के नाम सामने आए थे। यही नहीं हाल ही में पकड़े गए कोयला लोड ट्रक की जांच चल ही रही है।

फिर शुरु हुई आठ नंबर बंद खदान
अभी तक काफी लंबे समय से बंद पड़ी खदान आठ नंबर महुआर दफाई में एक बार फिर से कोयला चोरी का कारोबार शुरु हो चुका है। यहां जगह-जगह सुरंग बनाकर रात के अंधेरे में कोयले का उत्खनन होता है। फिर इसे संग्रहित कर सुरक्षित ढ़ंग से क्वालिटी के आधार पर पड़ोस के जिलों में भेज दिया जाता है। बता दें कि यहां खदान में अक्सर धसकने से लोग हादसे का शिकार हो चुके हैं। 

नाबालिग व गरीबों की जा रही जान 
इस अवैध कारोबार में स्थानीय गरीब व निचले श्रमिक दबके के लोगों को ढाल बनाया जाता है। पेट पालने की लालच में अक्सर यहां 50-100 रुपए की लालच में अपनी जान गंवानी पड़ती है। इसी साल जनवरी में यीशू उर्फ अमित पिता ईश्वरदीन निवासी नईका दफाई की कोयला रैक से कोयला चोरी करते समय मौत हो गई थी। मृतक रेलगाडी के ऊपर ओएचई के हाईवोल्टेज करंट की चपेट में आ गया था। दर्दनाक हादसे में तेज विस्फोट के साथ नवयुवक की मौत हो गई। इसी तरह सालभर में तकरीबन दर्जनों लेाग बेसमय काल के गाल में समा जा जाते हैं।

भेजी है टीम
 बताए जा रहे स्थल पर कोयला चोरी की संबंध में लगातार शिकायतें मिल रही हैं। हमने एक टीम को सर्चिंग व कार्रवाई के लिए भेजा है। प्रयास करेंगे कि गरीब व नाबालिगों की आड़ में इस अवैध कारोबार को संचालित कर रहे लोगों पर सख्त कार्रवाई हो।
- सचिन शर्मा, पुलिस अधीक्षक उमरिया

कर रहे हैं प्रयास -
वहां कुछ माफिया काफी दिनों से सक्रिय हैं। साइडिंग क्षेत्र की भगौलिक स्थिति कुछ इस तरह की है कि इन पर बड़ी कार्रवाई करने से पहले ही ये लोग एलर्ट हो जाती है। फिर भी हम स्थानीय पुलिस की मदद से समन्वय कर अवैध कोयला चोरी पर असरदार कार्रवाई करेंगे।
- आरएल यादव, आरपीएफ प्रभारी, शहडोल

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