संजय राउत की केंद्र सरकार को चेतावनी, महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने का सोचा तो ये आग उन्हें भी जला देगी

संजय राउत की केंद्र सरकार को चेतावनी, महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने का सोचा तो ये आग उन्हें भी जला देगी

Bhaskar Hindi
Update: 2021-03-22 05:49 GMT
संजय राउत की केंद्र सरकार को चेतावनी, महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने का सोचा तो ये आग उन्हें भी जला देगी

डिजिटल डेस्क, मुंबई। मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह के महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख पर लगाए गंभीर आरोपों के बाद सियासत में भूचाल आ गया है। बीजेपी लगातार महाराष्ट्र सरकार पर हमलावर है और गृहमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रही है। महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने की खबरों को हवा मिल रही है। इसे लेकर शिवसेना सांसद संजय राउत का बयान सामने आया है। संजय राउत ने कहा, जो ऐसा कदम उठा रहे हैं उनके लिए ठीक नहीं होगा। अगर ऐसा सोचा तो मैं उन्हें चेतावनी देता हूं कि ये आग उन्हें भी जला देगी।

संजय राउत का बयान:
-अगर सरकार सही जांच के लिए तैयार है, तो फिर बार-बार इस्तीफे की बात क्यों हो रही है।

-केंद्रीय एजेंसियों का गलत इस्तेमाल कर महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने की कोशिश हो रही है। 

-लेकिन जो ऐसा कदम उठा रहे हैं उनके लिए ठीक नहीं होगा।

- अगर ऐसा सोचा तो मैं उन्हें चेतावनी देता हूं कि ये आग उन्हें भी जला देगी।

-अगर हम सभी का इस्तीफा लेते रहेंगे, तो सरकार चलाना मुश्किल हो जाएगा।

-जबतक उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री हैं, तबतक सभी मामलों की जांच बिल्कुल सही तरीके से की जाएगी।

- मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर के कंधे पर रखकर बंदूक चलाई जा रही है।

- विरोधी पक्ष लोगों को गुमराह नहीं कर सकता है।

-सुशांत केस में जब सीबीआई ने एंट्री ली, तब परमबीर ही कमिश्नर थे। 

-लेकिन सीबीआई कुछ नया नहीं निकाल पाई।

-महाराष्ट्र विकास अघाड़ी सरकार का कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता है।

बता दें कि उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के पास विस्फोटक से भरी स्कार्पियो मिली थी। इस मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जांच में अब तक जो भी कुछ सामने आया है उससे पता चलता है कि पूरे मामले की साजिश पुलिस मुख्यालय और असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर (API) सचिन वाझे के ठाणे स्थित घर पर रची गई थी। पुलिस मुख्यालय में स्कॉर्पियो के मालिक मनसुख हिरेन का पहले से ही आना-जाना था। NIA को यहां से एक वीडियो रिकॉर्डिंग भी मिली है, जिसमें वाझे और मनसुख एक ही कार में बैठकर जाते दिख रहे हैं।

इस केस में वाझे की भूमिका सामने आने के बाद उसे एनआईए ने गिरफ्तार कर लिया था। बाद में मुंबई के तत्कालीन कमिश्नर परमबीर सिंह का भी तबादला कर दिया गया। तबादले के बाद ही परमबीर सिंह ने मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखकर इस बात का खुलासा किया कि गृहमंत्री देशमुख ने वाझे को हर महीने 100 करोड़ रुपए की वसूली करनेक लिए कहा था। हालांकि गृहमंत्री देशमुख ने उनपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है और परमबीर पर मानहानी का दावा करने की बात कही है।

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