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Isuzu D-Max V-Cross का BS6 मॉडल भारत में लॉन्च, जानें कीमत और खूबियां

Isuzu D-Max V-Cross का BS6 मॉडल भारत में लॉन्च, जानें कीमत और खूबियां

हाईलाइट

  • तीन वेरिएंट्स में उपलब्ध है यह गाड़ी
  • एंट्री लेवल Hi-Lander वेरिएंट भी लॉन्च
  • इसके इंजन में भी बदलाव किया गया है

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कमर्शियल व्हीकल और पिकअप ट्रक बनाने वाली जापानी कंपनी Isuzu (इसुजु) ने भारत में V Cross (वी क्रॉस) और MU-X (एमयू- एक्स) रेंज के वाहनों का BS6 मॉडल लॉन्च कर दिया है। भारतीय बाजार में यह गाड़ी तीन वेरिएंट्स में उपलब्ध है। इसुजु मोटर्स इंडिया ने इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 16.98 लाख रुपए (तमिलनाडु) रखी है।   

लॉन्च किए गए Isuzu D-Max Hi-Lander, D-Max V-Cross Z 2WD AT, और D-Max V-Cross Z Prestige 4WD AT मॉडल के अलावा कंपनी ने इसका एंट्री लेवल Hi-Lander वेरिएंट भी लॉन्च कर दिया है। आइए जानते हैं इनके बारे में...

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फीचर्स
BS6 Isuzu D-Max V-Cross रेंज में अब बाई-LED प्रोजेक्टर लेंस हेडलैंप्स, LED DRLs और LED टेललाइट्स मिलेंगे। इसके अलावा टॉप वेरिएंट्स में 7-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम दिया गया है। इसमें 4-व्हील ड्राइव, क्रूज कंट्रोल, साइड-स्टेप, 18-इंच अलॉय व्हील्स, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, शिफ्ट-ऑन-फ्लाई और इलेक्ट्रिकली अडजस्टेबल ड्राइवर्स सीट, 8-स्पीकर ऑडियो सिस्टम के साथ रूफ-माउंटेड स्पीकर्स दिए गए हैं।

इंजन और पावर
Isuzu D-Max में अब 1.9-लीटर का डीजल इंजन मिलेगा, जो 161 bhp की मैक्सिमम पावर और 360 Nm का पीक टॉर्क जेनरेट करेगा। इसके पावर को 12 bhp और टॉर्क को 10 Nm बढ़ाया गया है। इसका इंजन 6-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन से लैस है। वहीं, ग्राहकों को इसमें 6-स्पीड ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन का भी विकल्प मिलता है। 

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सभी वेरिएंट की कीमत

वेरिएंट

कीमत

D-Max Hi-Lander

16.98 लाख रुपए

D-Max V-Cross Z 2WD AT

19.98 लाख रुपए

D-Max V-Cross Z 4WD MT

20.98 लाख रुपए

D-Max V-Cross Z Prestige 4WD AT

24.49 लाख रुपए 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।