comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

ऑटो: Toyota ने लॉन्च किया Innova Crysta का स्पेशल एडिशन, जानें क्या है खास

ऑटो: Toyota ने लॉन्च किया Innova Crysta का स्पेशल एडिशन, जानें क्या है खास

हाईलाइट

  • यह एमपीवी स्टैंडर्ड इनोवा के मिड-मॉडल VX पर आधारित है
  • स्पेशल एडिशन वेरिएंट की कीमत 61 हजार रुपए अधिक है
  • इनोवा क्रिस्टा लीडरशिप एडिशन में BS6 डीजल इंजन दिया है

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जापानी कंपनी Toyota (टोयोटा) की एमपीवी Innova Crysta (इनोवा क्रिस्टा) भारत में काफी पॉपुलर है। या यूं कहें कि इस सेगमेंट में सबसे अधिक बिकने वाली कार है और भारतीय बाजार में इसे 15 साल हो गए हैं। इस मौके को सेलिब्रेट करने के लिए कंपनी ने इसका स्पेशल एडिशल मॉडल लॉन्च किया है। इसे Toyota ने Innova Crysta Leadership Edition (लीडरशिप एडिशन) नाम दिया है। 

टोयोटा इनोवा क्रिस्टा लीडरशिप एडिशन MPV के BS6 डीजल संस्करण पर आधारित है। यह सिर्फ डीजल इंजन में उपलब्ध होगी। यह एमपीवी स्टैंडर्ड इनोवा के मिड-मॉडल VX पर आधारित है। बात करें कीमत की तो स्टैंडर्ड इनोवा VX से स्पेशल एडिशन वेरिएंट की कीमत 61 हजार रुपए अधिक है। इसकी कीमत 21.21 लाख रुपए है। 

Honda की नई 2020 क्रॉसओवर एसयूवी WR-V जल्द होगी लॉन्च

ये बदलाव
देखने में नई Innova काफी अट्रैक्टिव है, इसके एक्सटीरियर और इंटीरियर में कॉस्मेटिक अपग्रेड किए गए हैं
इसे ड्यूल टोन कलर में पेश किया गया है, जिनमें ब्लैक के साथ वाइल्डफायर रेड और ब्लैक के साथ वाइट पर्ल क्रिस्टल शामिल हैं। इस स्पेशल इनोवा के फ्रंट में अतिरिक्त क्रोम गार्निश के अलावा चारों ओर लीडरशिप के बैज दिए गए हैं। इसमें कंपनी ने 17-इंच के नए ब्लैक अलॉय वील्ज, रियर स्पॉइलर और साइड स्कर्ट्स दिए हैं।   

इंटीरियर
इनोवा क्रिस्टा लीडरशिप एडिशन का कैबिन ब्लैक कलर में है। इसमें 'लीडरशिप' की बैजिंग के साथ नई अपहोल्स्ट्री दी गई है। इस एमपीवी में 360-डिग्री कैमरा, ऑटो फोल्डिंग ORVM, पडल लैम्प्स, कीलेस एंट्री, पुश-स्टार्ट बटन और टचस्क्रीन इन्फोटेनमेंट सिस्टम जैसे फीचर्स दिए गए हैं।

Jeep Wrangler Rubicon भारत में हुई लॉन्च, जानें कीमत

इंजन पावर
Innova Crysta Leadership Edition में BS-6 कम्प्लायंट 2.4-लीटर डीजल इंजन दिया गया है। यह इंजन 148 bhp का पावर और 343 Nm पीक टॉर्क जेनरेट करता है। इस इंजन को 5-स्पीड मैन्युअल गियरबॉक्स से जोड़ा गया है।

कमेंट करें
qdbTW
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।