एवोकाडो टोस्ट से भारतीय रसोई तक: PM मोदी द्वारा रेखांकित यह फल क्यों बन रहा है नया फूड ट्रेंड

PM मोदी द्वारा रेखांकित यह फल क्यों बन रहा है नया फूड ट्रेंड

एक समय था जब भारतीय रसोई में एवोकाडो को बहुत कम लोग जानते थे, लेकिन आज यह फल खेतों, फूड मार्केट्स और डाइनिंग टेबल्स पर चर्चा का विषय बनता जा रहा है। भारत में एवोकाडो की बढ़ती मौजूदगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने हाल ही में इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे यह फल कभी कम मांग वाली फसल था, लेकिन अब उपभोक्ताओं की बढ़ती रुचि और भारतीय किसानों के लिए नए अवसरों के साथ आगे बढ़ रहा है।

PM मोदी ने भारत में एवोकाडो को लेकर बदलती धारणा की ओर इशारा करते हुए बताया कि कभी अपेक्षाकृत अनजान और कम मूल्य वाला यह फल अब तेजी से लोगों की डाइनिंग टेबल तक पहुंच रहा है। उन्होंने आंध्र प्रदेश के किसान करपा वरदराज की कहानी का भी उल्लेख किया, जिन्होंने इस फसल के बारे में जानकारी मिलने के बाद एवोकाडो की खेती शुरू की और अब लगभग चार टन उत्पादन कर इसे सीधे स्थानीय दुकानों तक पहुंचा रहे हैं।

यह बदलाव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत की एवोकाडो कहानी अब केवल प्रीमियम कैफ़े या आयातित उत्पादों वाले स्टोर्स तक सीमित नहीं है। जैसे जैसे देश में इसकी खेती बढ़ रही है, वैसे वैसे इस फल को भारतीय खानपान की आदतों के अनुसार भी अपनाया जा रहा है। होम कुक्स अब एवोकाडो का इस्तेमाल पराठों, चटनियों, रायते, सैंडविच और सलाद में कर रहे हैं और इसकी प्राकृतिक क्रीमी बनावट को अधिक परिचित सामग्री के विकल्प के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।

यह बढ़ती बहुउपयोगिता एवोकाडो को एक सीमित या खास तरह के भोजन से निकालकर अधिक सामान्य रसोई सामग्री बनने में मदद कर रही है। इसकी लोकप्रियता तेजी से तैयार होने वाले और अपनी पसंद के अनुसार बनाए जा सकने वाले भोजन के बढ़ते चलन से भी मेल खाती है, जहां उपभोक्ता ऐसी सामग्री की तलाश कर रहे हैं जिसे नाश्ते, स्नैक्स और रोज़मर्रा के खाना पकाने में अलग अलग तरीकों से इस्तेमाल किया जा सके।

वर्ल्ड एवोकाडो ऑर्गनाइज़ेशन ने भी वैश्विक स्तर पर एवोकाडो की बढ़ती पाक कला संबंधी प्रासंगिकता को रेखांकित किया है। हालांकि भारत में इससे भी दिलचस्प बदलाव घर के करीब देखने को मिल रहा है, जहां किसान इसकी खेती कर रहे हैं, उपभोक्ता इसके साथ प्रयोग कर रहे हैं और कभी अनजान रहा यह फल धीरे धीरे भारतीय फूड लैंडस्केप का हिस्सा बन रहा है।

कैफ़े के मेन्यू से लेकर स्थानीय खेतों और घरों की रसोई तक, भारत में एवोकाडो का सफर अब केवल एक अस्थायी फूड फेड जैसा नहीं, बल्कि एक उभरते हुए फूड ट्रेंड की तरह दिखाई देने लगा है।

Created On :   29 Sept 2026 1:47 PM IST

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