ट्रंप का बड़ा ऐलान: भारत का Essar Group अमेरिका में लगाएगा इतिहास का सबसे बड़ा स्टील प्लांट, 10 मिलियन टन सालाना होगा उत्पादन

डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक बड़े स्टील प्रोजेक्ट का ऐलान किया है। उन्होंने घोषणा की कि, भारतीय कंपनी एस्सार ग्रुप (Essar Group) की अमेरिकी सब्सिडियरी 'मेसाबी मेटालिक्स' (Mesabi Metallics) आयोवा में करीब 15 अरब डॉलर (लगभग 1.3 लाख करोड़ रुपए) का स्टील प्लांट लगाएगी। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में एस्सार ग्रुप के को-फाउंडर रवि रुइया और मेसाबी मेटालिक्स के चेयरमैन रेवंत रुइया के साथ इस प्रोजेक्ट की घोषणा की। ट्रंप ने इसे अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा स्टील प्लांट बताया है।
ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, "आज हमें यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि मेसाबी मेटालिक्स आयोवा राज्य में अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा स्टील प्लांट बनाएगी। ट्रंप ने कहा कि यह अमेरिका के साथ-साथ दुनिया के सबसे बड़े स्टील प्लांट्स में शामिल होगा।
यह भी पढ़े -नेपाल में कुदरत का कहर! पहाड़ का बड़ा हिस्सा टूटकर कालीगंडकी नदी में समाया, 24 की मौत, 14 लापता
2030 के आसपास शुरू हो सकता है स्टील उत्पादन
मेसाबी मेटालिक्स का यह प्रोजेक्ट अभी निर्माण के चरण में है। कंपनी का लक्ष्य करीब 2030 के आसपास स्टील उत्पादन शुरू करना है। पहले चरण में प्लांट की क्षमता हर साल करीब 7.5 मिलियन टन स्टील बनाने की होगी। बाद में इसे बढ़ाकर करीब 10 मिलियन टन सालाना करने की योजना है।
इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत इसका इंटीग्रेटेड सप्लाई चेन मॉडल है। स्टील बनाने के लिए जरूरी आयरन ओर कंपनी की अपनी मिनेसोटा स्थित खदान से आएगा। यानी कच्चा माल अमेरिका में ही निकाला जाएगा और उसी देश में उसे प्रोसेस करके स्टील बनाया जाएगा। ट्रंप प्रशासन ने इसे अमेरिकी घरेलू स्टील सप्लाई चेन को मजबूत करने वाली परियोजना के तौर पर पेश किया है।
यह भी पढ़े -तीन साल से जारी युद्ध, अब तक कितने लोगों ने गंवाई जान? स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किए आंकड़े
मिनेसोटा में भी बड़ा निवेश
एस्सार ग्रुप पहले से ही मिनेसोटा में आयरन-ओर प्रोजेक्ट पर बड़ा निवेश कर रहा है। कंपनी की मेसाबी मेटालिक्स इकाई ने वहां एक नई आयरन-ओर माइन विकसित की है। इसे करीब 50 साल बाद अमेरिका में शुरू हुई नई आयरन-ओर माइन के तौर पर बताया गया है। कंपनी के मुताबिक, मिनेसोटा के इस प्रोजेक्ट में 2.5 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश किया जा चुका है। यहीं से निकलने वाला आयरन-ओर आयोवा के नए स्टील प्लांट में इस्तेमाल किया जाएगा।
कितनी नौकरियां पैदा होंगी?
व्हाइट हाउस के अनुसार, आयोवा के इस प्रोजेक्ट के निर्माण के दौरान 6,000 तक नौकरियां पैदा हो सकती हैं। प्लांट शुरू होने के बाद करीब 1,750 से 2,000 स्थायी नौकरियां मिलने का अनुमान है। इनमें मैन्युफैक्चरिंग और माइनिंग से जुड़ी नौकरियां शामिल होंगी। अमेरिकी सरकार का अनुमान है कि निर्माण और शुरुआती 10 साल के संचालन के दौरान यह प्रोजेक्ट अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर करीब 95 अरब डॉलर का आर्थिक प्रभाव डाल सकता है। हालांकि, यह सरकार का अनुमान है। यह रकम अभी वास्तविक आर्थिक लाभ के रूप में हासिल नहीं हुई है।
ट्रंप के स्टील टैरिफ को बताया निवेश की वजह
अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लटनिक ने इस निवेश के पीछे ट्रंप की स्टील टैरिफ नीति को भी एक अहम वजह बताया है। लटनिक के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से स्टील आयात पर लगाए गए हाई टैरिफ ने अमेरिका में घरेलू स्टील उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कंपनियों को प्रोत्साहित किया है। उन्होंने दावा किया कि अगर ट्रंप के स्टील टैरिफ नहीं होते, तो एस्सार ग्रुप अमेरिका में इस स्टील प्लांट में निवेश नहीं करता।
Created On :   29 Sept 2026 11:04 AM IST












