HDFC Bank Q1 Results: एचडीएफसी बैंक का नेट प्रॉफिट 19,000 करोड़ रुपए के पार पहुंचा, लोन और डिपॉजिट्स में भी शानदार बढ़ोतरी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े निजी बैंकों में शामिल HDFC Bank ने शानदार वित्तीय प्रदर्शन करते हुए अपना तिमाही नेट प्रॉफिट 19,000 करोड़ रुपए के आंकड़े के पार पहुंचा दिया है। बैंक की ब्याज आय में बढ़ोतरी, बेहतर एसेट क्वालिटी और मजबूत कारोबार के दम पर मुनाफे में यह वृद्धि दर्ज की गई है। यह जानकारी HDFC बैंक के 30 जून, 2026 को समाप्त हुई पहली तिमाही (Q1 FY27) के वित्तीय परिणाम की घोषणा में सामने आई है।
HDFC Bank ने अपनी तिमाही वित्तीय रिपोर्ट में 19,000 करोड़ रुपए से अधिक का शुद्ध लाभ (नेट प्रॉफिट) दर्ज किया है। यह बैंक के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। बैंक की कमाई में बढ़ोतरी का मुख्य कारण लोन डिस्बर्समेंट में लगातार वृद्धि, ब्याज से होने वाली आय में इजाफा और ग्राहकों का बढ़ता भरोसा रहा।
मुनाफे में बढ़ोतरी
30 जून 2026 को समाप्त तिमाही में HDFC बैंक का स्टैंडअलोन शुद्ध लाभ (Net Profit) बढ़कर 19,059.72 करोड़ रुपए हो गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में यह 18,155.21 करोड़ रुपए था।वहीं, बैंक का समेकित (Consolidated) शुद्ध लाभ 19,244.71 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले साल की तुलना में करीब 18% अधिक है। आंकड़ों के अनुसार, बैंक की शुद्ध ब्याज आय सालाना आधार पर 6.7% बढ़कर 33,530 करोड़ रुपए हो गई।
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बैंक की टोटल इनकम
इस दौरान बैंक का कोर नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 3.26% रहा। बैंक की टोटल इनकम भी बढ़कर 92,184.38 करोड़ रुपए पहुंच गई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 89,808.90 करोड़ रुपए थी। इसके अलावा HDFC बैंक की एसेट क्वालिटी में भी सुधार देखने को मिला। बैंक का ग्रॉस एनपीए घटकर 1.17% रह गया, जो पिछले साल जून तिमाही में 1.40% था। वहीं, नेट एनपीए (Net NPA) घटकर 0.41% पर आ गया। यह बेहतर लोन रिकवरी और मजबूत क्रेडिट मैनेजमेंट का संकेत माना जा रहा है।
बैठक में वित्तीय नतीजों को मंजूरी
HDFC बैंक के निदेशक मंडल ने 18 जुलाई 2026 को हुई बैठक में इन वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी। बैंक ने यह भी बताया कि परिणाम घोषित होने के बाद शेयर कारोबार के लिए ट्रेडिंग विंडो 21 जुलाई 2026 से दोबारा खोली जाएगी। वहीं बाजार के जानकारों का कहना है कि मजबूत तिमाही नतीजों से निवेशकों का भरोसा और मजबूत हो सकता है। हालांकि बैंकिंग क्षेत्र में ब्याज दरों, आर्थिक गतिविधियों और नियामकीय नीतियों का असर आगे भी बना रहेगा।
Created On :   18 July 2026 6:35 PM IST













