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Fuel Price: पेट्रोल तीन दिन में 57 पैसे और डीजल 34 पैसे सस्ता हुआ, जानें आज की कीमत

Fuel Price: पेट्रोल तीन दिन में 57 पैसे और डीजल 34 पैसे सस्ता हुआ, जानें आज की कीमत

हाईलाइट

  • पेट्रोल की कीमत में 31 पैसे प्रति लीटर की गिरावट
  • डीजल की कीमत में 22 पैसे प्रति लीटर तक कटौती
  • तीन दिन से कम हो रही पेट्रोल- डीजल की कीमतें

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पूरे एक माह तक लगातार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी के बाद अब इनके रेट में गिरावट का दौर शुरु हो गया है। शनिवार (05 अक्टूबर) सुबह भारतीय तेल विपणन कंपनियों ने लगातार तीसरे दिन पेट्रोल- डीजल की कीमत में कटौती की है। बता दें कि सऊदी अरामको के दो प्लांट पर हुए ड्रोन हमले के बाद पेट्रोल और डीजल के भाव में तेजी देखने को मिली थी। 

आज पेट्रोल 31 पैसे प्रति लीटर और डीजल 22 पैसे प्रति लीटर तक सस्ता हो गया है। बता दें कि इससे पहले शुक्रवार (04 अक्टूबर) को 18 पैसे प्रति लीटर और डीजल में 8 पैसे प्रति लीटर की कटौती हुई थी। जबकि गुरुवार (03 अक्टूबर) सुबह पेट्रोल के दाम में 10 पैसे प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 7 पैसे प्रति लीटर की गिरावट आई थी। 

देखा जाए तो पिछले 3 दिन में राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 57 पैसे प्रति लीटर और डीजल 34 पैसे प्रति लीटर सस्ता हो गया है। क्या हैं आज देश के महानगरों में पेट्रोल- डीजल की कीमत, आइए जानते हैं...

पेट्रोल के दाम
इंडियन ऑयल की वेबसाइट के अनुसार आज राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 74.04 रुपए प्रति लीटर है। वहीं मुंबई में पेट्रोल 79.65 रुपए प्रति लीटर बेचा जा रहा है। कोलकाता में पेट्रोल का रेट 76.67 रुपए प्रति लीटर के स्तर पर है। जबकि चेन्नई में पेट्रोल का दाम 76.90 रुपए प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गया है।

डीजल के दाम
बात करें डीजल की तो यह दिल्ली में डीजल के दाम 67.15 रुपए प्रति लीटर हो गया है। वहीं मुंबई में 70.39 रुपए प्रति लीटर है। इसी तरह कोलकाता में डीजल 69.51 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है। जबकि चैन्नई में डीजल की कीमत 70.94 रुपए प्रति लीटर हो गई है।  

कच्चे तेल की कीमतें
शुक्रवार को विदेशी बाजार में कच्चा तेल मजबूती के साथ बंद हुआ। डब्ल्यूटीआई (WTI) और ब्रेंट क्रूड क्रमश: 53 डॉलर प्रति बैरल के करीब और 58 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बंद हुआ है। शुक्रवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कच्चा तेल अक्टूबर वायदा 12 रुपए की बढ़त के साथ 3,740 रुपए के स्तर पर बंद हुआ था।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।