RBI MPC Meeting: आरबीआई ने दी बड़ी राहत, रेपो रेट में नहीं किया कोई बदलाव

आरबीआई ने दी बड़ी राहत, रेपो रेट में नहीं किया कोई बदलाव
यह बैठक 6 अप्रैल को शुरू हुई थी, जो आज 8 अप्रैल तक चली। आरबीआई एमपीसी का फैसला सुनाते हुए आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने राहत का ऐलान किया।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के नतीजे आज (08 अप्रैल 2026) आ गए हैं। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा (Sanjay Malhotra) ने एमपीसी के फैसले की घोषणा की। जिसके अनुसार, केंद्रीय बैंक ने रेपो रेटो में कोई बदलाव नहीं किया है और इसे 5.25% पर बरकरार रखा गया है। साफ शब्दों में कहा जाए तो यदि आपने होम लोन या कार लोन लिया है तो आपकी ईएमआई पर कोई भी असर नहीं होगा यानि कि ये न तो ये घटेगी और न ही ये बढ़ेगी।

आपको बता दें कि, यह बैठक 6 अप्रैल को शुरू हुई थी, जो आज 8 अप्रैल तक चली है। आरबीआई एमपीसी का फैसला सुनाते हुए आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने राहत का ऐलान किया। इससे पहले पिछली मौद्रिक नीति बैठक में भी आरबीआई ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया था।

2025 से अब तक इतनी कटौती

मालूम हो कि, केंद्रीय बैंक फरवरी 2025 से लेकर अब तक एक के बाद एक कई बार रेपो रेट में कटौती कर चुका है, जिससे लोन लेने वालों को बड़ी राहत मिली थी। इस अवधि में रेपो रेट में 1.25 फीसदी की कटौती की जा चुकी थी। हालांकि, साल 2026 की फरवरी में हुई पहली बैठक में ही रेपोरेट में कटौती थम गई और इसमें कोई बदलाव ना करते हुए इसे 5.25 फीसदी पर ​स्थिर रखने को फैसला लिया गया था।

आर्थिक वृद्धि दर का नया अनुमान जारी

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद भारत की आर्थिक वृद्धि दर को लेकर नया अनुमान भी जारी किया है। केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष 2026 के लिए वास्तविक GDP ग्रोथ को 7.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.6 प्रतिशत कर दिया है, साथ ही भू-राजनीतिक तनाव से जुड़े जोखिमों को लेकर चिंता भी जताई है।

आरबीआई के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 की यह वृद्धि मजबूत सर्विस सेक्टर, मैन्युफैक्चरिंग में विस्तार और घरेलू मांग के कारण संभव होगी, जो अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है। वित्त वर्ष 2027 के लिए आरबीआई ने जीडीपी ग्रोथ 6.9 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है।

इसके अलावा आरबीआई गवर्नर ने कहा कि, वित्त वर्ष 2027 के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) मुद्रास्फीति 4.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है। पहली तिमाही में यह 4 प्रतिशत, दूसरी में 4.4 प्रतिशत, तीसरी में 5.2 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 4.7 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है।

Created On :   8 April 2026 11:00 AM IST

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