Amravati News: अमरावती अश्लील वीडियो कांड, रिकवर डेटा और फंडिंग जांच से खुलेंगे राज

अमरावती अश्लील वीडियो कांड, रिकवर डेटा और फंडिंग जांच से खुलेंगे राज
  • एसआईटी के मुताबिक पीड़िताओं की संख्या बढ़ सकती है
  • जांच टीम कॉल डिटेल रिकॉर्ड और सब्सक्राइबर डिटेल रिकॉर्ड का विश्लेषण कर रही

Amravati News परतवाडा वीडियो कांड के मुख्य आरोपी अयान अहमद तनवीर अहमद (19) सहित उसके तीन साथियों को कोर्ट से और सात दिन का रिमांड बढ़ाकर मिलने से बड़े खुलासों की उम्मीद है। जांच टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन संपर्कों में शामिल युवतियों के साथ किसी प्रकार का शोषण हुआ है या नहीं। साइबर सेल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और सब्सक्राइबर डिटेल रिकॉर्ड (एसडीआर) विश्लेषण कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, डिजिटल सबूतों की परतें खुलने के साथ ही और भी गंभीर पहलू सामने आ सकते हैं। रिकवर डेटा और फंडिंग जांच से कई राज खुल सकते हैं। एसआईटी को आशंका है कि पीड़िताओं की संख्या बढ़ सकती है। जांच के दौरान यह भी पता चला कि एमएच-20-डीएल-3100 नंबर की थार कार के मालिक राजेश प्रजापति के बेटे आर्यन से उसने ओएलएक्स के माध्यम से आईफोन बेचने को लेकर संपर्क किया था, हालांकि सौदा नहीं हो पाया। इसी दौरान उसने थार कार का उपयोग कर वीडियो शूट किया।

महंगे होटल, कैफे और लग्जरी लाइफ : महंगे होटल, कैफे और लग्जरी कार में घूमने-फिरने के बढ़ते खर्च ने अयान की आर्थिक स्थिति बिगाड़ दी। कर्जदारों के दबाव में आकर उसने करीब डेढ़ साल पहले अपनी मां के सोने के गहने चोरी कर लिए । सितंबर 2025 में अयान ने उनमें से 60 ग्राम से अधिक सोना बेचकर करीब 2 लाख रुपये जुटाए थे। इसी रकम के साथ थार में वीडियो शूट किया, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर वायरल किया गया।

कोर्ट के बाहर प्रदर्शन, अतिरिक्त बल रहा तैनात : मंगलवार, 21 अप्रैल को एसआईटी टीम ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अयान को अचलपुर न्यायालय में पेश किया। इससे पहले ही हिंदू सेवा सुरक्षा संघ के पदाधिकारी और कार्यकर्ता पूजा गौर के नेतृत्व में कोर्ट परिसर के बाहर एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग की। स्थिति को देखते हुए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था।

फंडिंग सोर्स की जांच बेहद महत्वपूर्ण : आरोपियों के फंडिंग सोर्स की जांच बेहद महत्वपूर्ण है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने पिछले एक वर्ष में अधिकांश लेन-देन नकद में किए हैं, जबकि कुछ ट्रांजैक्शन यूपीआई के माध्यम से भी हुए हैं। इस आर्थिक लेन-देन के जरिए पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है। साथ ही थार के रील्स वीडियो में दिख रही देशी पिस्तौल किसी वारदात को अंजाम देने के लिए तो नहीं लाई गई थी? इसके तहत तक जाना भी जरूरी है। -एड. डी.ए. नवले, सरकारी वकील


Created On :   22 April 2026 3:42 PM IST

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