Bada Malhera: साहित्यकार नर्मदा प्रसाद गुप्त की कवि सम्मेलन का हुआ आयोजन

डिजिटल डेस्क,बड़ामल्हेरा। साहित्य अकादमी मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद द्वारा नगर के आडिटोरियम में साहित्यकार नर्मदा प्रसाद गुप्त की स्मृति में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमे चंद कवियों और साहित्यकारों ने अपनी कविताओं का वाचन किया इस दौरान नगर के कुछ राजनैतिक और सामाजिक लोगों ने भी उपस्थिति दर्ज कराई। सूत्रों के मुताबिक कवियों और श्रोताओं सहित महज दो दर्जन लोगों के बीच ही विराट कवि सम्मेलन सिमटकर रह गया। नगर के साहित्यकारों और कवियों का आरोप है कि मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद की साहित्य अकादमी में बड़ामलहरा सहित जिले के अनेक हिन्दी भाषा के प्रतिष्ठित और विद्वान कवि रचनाकारों की सूची भी अकादमी में होने के बाद भी बड़ामलहरा के अनेक हिंदी भाषा के प्रतिष्ठित विद्वान/कवि, रचनाकार को जानते हुए भी नहीं बुलाया।
जिन में बड़ामलहरा के ही वयोवृद्ध कवि रामस्वरूप शुक्ला, वरिष्ठ कवियत्री मालती जैन,डाॅं पीएल शर्मा पूर्व शिक्षा अधिकारी, डॉ मनोज कुमार तिवारी, इन सभी कवियों की काव्य कृतियां प्रकाशित है। छतरपुर से भी अनेको कवियों को न बुलाकर उपेक्षित किया गया। मालती श्रीवास्तव, डॉ आरबी पटेल, सुरेन्द्र सिन्हा अंजलि,डाॅ विनीता गुप्ता, शोभा शर्मा, सुरेंद्र शर्मा सुमन, आभा श्रीवास्तव, विमल बुन्देला व हरपालपुर से पद्मश्री डॉक्टर अवध किशोर जड़िया, संतोष पटैरिया राजनगर व अनेक सम्मानित रचनाकार हैं जिन्हें आमंत्रित करना उचित नहीं समझा गया साहित्यकारों का आरोप है कि सिर्फ राशि ठिकाने लगाने के मकसद एक निजी स्कूल के कतिपय छात्र-छात्राओं को साहित्यकार और कवि बताकर राशिक़ ठिकाने लगाया दिया।
साहित्यकारों के अनुसार दूसरा महत्वपूर्ण पहलू यह है इस कार्यक्रम का कोई प्रचार-प्रसार समाचार पत्रों में नहीं हुआ जबकि नियमानुसार होना चाहिए तथा इतने बड़े आयोजन का कोई प्रचार-प्रसार नही हुआ। साथ ही साहित्य अकादमी बिना टेडर दिए कार्यक्रम स्थल एक आडिटोरियम को ही सुनिश्चित कर लिया। साहित्यकारों ने यह भी आरोप लगाया कि आयोजकों द्वारा संस्कृति विभाग मध्य प्रदेश शासन साहित्य अकादमी के पास प्रदेश भर के साहित्यकारों के जिलावार नाम है। फिर भी यह इतनी बड़ी अपेक्षा बुद्धिजीवी रचनाकारों के लिए न्याय संगत नहीं और अपमानित करने जैसा ही है। आरोप तो यह भी है कि सम्मानित बुंदेली के रचनाकार नर्मदा प्रसाद गुप्त के व्यक्तित्व व कृतित्व उनके बुन्देली में योगदान व स्मृति पर आधारित कार्यक्रम हुआ किन्तु उनके पुत्र प्रवीण गुप्त को भी आमंत्रित नहीं किया गया।
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