Bada-malhera news: डीईओ कार्यालय में जुआ खेलने वाले बाबू को जेडी ने किया निलंबित

डीईओ कार्यालय में जुआ खेलने वाले बाबू को जेडी ने किया निलंबित
डीईओ द्वारा किया जा रहा था बचाने का प्रयास

डिजिटल न्यूज़ बड़ामलहरा

डीईओ कार्यालय में पदस्थ जुए के खेल में पकड़े गए जिस बाबू को डीईओ द्वारा बचाने का भरसक प्रयास किया जा रहा था उसे जेडी ने निलंबित कर दिया है।छतरपुर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ लिपिक के जुआ खेलते पकड़े जाने के मामले में अंततः कार्रवाई हो गई है। खजुराहो में जुआ खेलते पकड़े गए लिपिक कमलेश खरे को संयुक्त संचालक एसपी बिसेन ने निलंबित कर दिया है। इस मामले में विभागीय कार्रवाई में देरी और संबंधित लिपिक को बचाने के कथित प्रयासों को लेकर डीईओ कार्यालय की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जेडी ने डीईओ से प्रतिवेदन मांगा था। इसके बाद लिपिक के खिलाफ की कार्रवाई की गई।

पुलिस ने लिपिक को 19 जुआरियों के साथ पकड़ा था: 24 अक्टूबर की रात खजुराहो पुलिस ने जुआ खेलने के आरोप में 19 लोगों को पकड़ा था। इनमें डीईओ कार्यालय में पदस्थ लिपिक कमलेश खरे भी शामिल था। पुलिस ने संबंधित लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की थी। सरकारी कार्यालय में पदस्थ कर्मचारी का इस तरह जुआ खेलते पकड़ा जाना विभागीय अनुशासन और कर्मचारियों के आचरण को लेकर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला बन गया।

कार्रवाई के बजाय लिपिक को बचाने के प्रयास का आरोप: मामले में सबसे अधिक सवाल डीईओ पीके रैकवार की भूमिका को लेकर उठे। आरोप है कि लिपिक के जुआ खेलने के मामले में तत्काल विभागीय कार्रवाई करने के बजाय उसे बचाने का प्रयास किया जा रहा था। नतीजा यह हुआ कि विभाग को एफआईआर के बाद निलंबन करने में 7 दिन लग गए। जेडी एसपी बिसेन ने स्पष्ट किया कि लिपिक के इस कृत्य से विभाग की छवि धूमिल हुई है, प्रतिवेदन मिलने पर उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

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