Bhandara News: उम्र बनी बाधा : पर्यावरण अनुभव दौरे से वंचित रहेंगे वृद्ध वन्यप्रेमी

उम्र बनी बाधा : पर्यावरण अनुभव दौरे से वंचित रहेंगे वृद्ध वन्यप्रेमी
  • 1 मई को बुद्धपूर्णिमा पर होगा प्रकृति अनुभव उपक्रम
  • नाराजगी जता रहे बुजुर्ग वन्यजीव प्रेमी

Bhandara News बुद्धपूर्णिमा की रात 1 मई को होने वाले पर्यावरण अनुभव उपक्रम में उम्र का हवाला देते हुए वरिष्ठ वन्यप्रेमियों को इस उपक्रम से वंचित रखा जा रहा है। अपना पूरा जीवन जंगल और वन्यजीवों के लिए बिताने वाले वन्यप्रेमियों पर उम्र की नुकसानदायक शर्त लगाई है। इससे वृध्द पर्यावरण प्रेमियों ने नाराजगी व्यक्त की है।

भंडारा-गोंदिया जिले में नवेगांव-नागझिरा व्याघ्र प्रकल्प समेत संपूर्ण राज्य के व्याघ्र प्रकल्पों और प्रादेशिक जंगल में 1 मई को बुद्धपूर्णिमा की रात को प्रकृति अनुभव उपक्रम आयोजित किया गया। जंगल में तैयार मचान पर रातभर बैठकर प्रकृति और वन्यजीवों के निरीक्षक का अवसर वर्ष में एक बार ही मिलता है। इससे अनेक वन्यप्रेमी इस दिन का इंतजार करते हंै। वर्षों तक प्राकृतिक अनुभव में शामिल हुए कई वन्यप्रेमी अब वृध्द है, लेकिन यह वन्यप्रेमी शारीरिक रूप से पूरी तरह से फिट है। इस बार 60 वर्षों से अधिक उम्र के वन्यप्रेमी इस उपक्रम में भाग नहीं ले सकेंगे ऐसी शर्त रखी गई है। इसे लेकर अनेक वन्य प्रेमियों ने नाराजी व्यक्त की है।

नवेगांव - नागझिरा व्याघ्र प्रकल्प में प्रकृति अनुभव के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया शुरू होते ही कोलकाता के 63 वर्षिय अली असगर हनीफ ने आवेदन किया। लेकिन 60 वर्ष से अधिक उम्र रहने पर उनका आवेदन नकारा गया। अली असगर हनीफ ने पिछले वर्ष बुध्दपूर्णिमा पर पर्यावरण का अनुभव लिया था। इस उपक्रम में शामिल होने के नियम आयु से अधिक शारीरिक क्षमता पर आधिरत रहने चाहिए यह मांग हो रही है। 70 वर्ष का व्यक्ति भी 40 वर्ष के व्यक्ति से अधिक स्वस्थ रह सकता है।

उम्र की शर्त को सामने कर आवेदन नकारने पर वन्यप्रेमी अपमान महसूस कर रहे हैं। वन विभाग प्रत्येक शामिल व्यक्ति से संमती पत्र लिखवाता है। कोई भी अनुचित घटना होने पर वन विभाग जिम्मेदार नहीं रहेगा यह लिखित में देना पड़ता है। ऐसे में वृध्द वन्यप्रेमियों को इस उपक्रम से वंचित रखने पर सवाल उठने लगे है। पूर्व मानद व्यजीव रक्षक राजकमल जोब ने बताया कि वरिष्ठ वन्यप्रेमी अपने अनुभव के जरिए वनों और वन्यजीवों को शिघ्र पहचान लेते है। इसका लाभ वन विभाग को मिलता है। ऐसे में उम्र की शर्त रखना अयोग्य है।

75 मचान तैयार किए गए : बुध्दपूर्णिमा पर नवेगांव –नागझिरा व्याघ्र प्रकल्प के प्रकृति अनुभव उपक्रम के लिए 75 मचान तैयार किए गए है। एक मचान पर दो ऐसे 150 वन्यप्रेमी की व्यवस्था की गई है। एक मचान पर दो लोग ऐसे 150 वन्यप्रेमी की व्यवस्था की गई है। इनके साथ वन्यजीव विभाग का एक कर्मचारी रहेगा। इस तरह से मचान पर तीन लोग रहेंगे।

वरिष्ठ वन्यप्रेमी आनेवाली पीढ़ी के मार्गदर्शक : प्राकृतिक अनुभव यह सर्वसामान्य नागरिकों को वन और वन्यजीवों से जोड़ने वाला प्रमुख उपक्रम है। यह अवसर वर्ष में एक बार मिलता है। इससे सामान्य लोगों में जंगलों के प्रति लगाव बढ़ता है। वरिष्ठ वन्यप्रेमी आने वाली पीढ़ी को मार्गदर्शन करते हैं। इससे प्रकृति और वन्यजीवों के ज्ञान का विस्तार होता है। उपक्रम में शामिल होने उम्र की शर्त नहीं रखना चाहिए। - शाहिद खान, मानद वन्यजीव रक्षक, भंडारा

मेडिकल सर्टिफिकेट जोड़ सकते है : प्रकृति का अनुभव लेने के उपक्रम में 18 वर्ष से कम और 60 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिकों के आवेदन स्वीकार नहीं किए जा रहे है। 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे अपने परिवार के साथ शामिल हो सकते हंै। 60 वर्ष से अधिक उम्र के वन्यप्रेमी मेडिकल सर्टिफिकेट साथ जोड़ सकते हैं। इसके बाद आवेदन पर विचार कर सकते हैं। - प्रीतमसिंह कोडापे, उपसंचालक, नवेगांव-नागझिरा व्याघ्र प्रकल्प



Created On :   23 April 2026 3:47 PM IST

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